चैत्र नवरात्र से शुरू होगा मिशन शक्ति फेज-6: यूपी में 1.32 लाख स्कूलों में नारी सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष अभियान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘मिशन शक्ति’ के छठे चरण की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। यह अभियान 26 मार्च तक पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार अभियान को चैत्र नवरात्र से जोड़कर और अधिक प्रभावशाली बनाया गया है, ताकि समाज में नारी शक्ति के प्रति जागरूकता को जनआंदोलन का रूप दिया जा सके।
राज्य सरकार की इस पहल के तहत अभियान की निगरानी पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। सीएम डैशबोर्ड के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी, जिससे हर जिले और ब्लॉक स्तर पर गतिविधियों की सतत समीक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों में वृद्धि होगी।
मिशन शक्ति फेज-6 में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को प्रतीक बनाकर नारी शक्ति के विभिन्न पहलुओं को समाज के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह बताना है कि महिलाएं केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रदेश के लगभग 1.32 लाख प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में इस दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें पोस्टर प्रतियोगिता, जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, संवाद कार्यक्रम और प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान के तहत बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे, जिससे वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपनी सुरक्षा कर सकें। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन नंबर, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया और बाल विवाह जैसी गंभीर समस्याओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। यह पहल बालिकाओं को न केवल जागरूक बनाएगी बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी भी बनाएगी।
स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए छात्राओं को बैंकिंग सेवाओं, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेंगी और भविष्य में आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए तैयार होंगी।
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि मिशन शक्ति का यह चरण बालिकाओं के समग्र विकास पर केंद्रित है। उनका कहना है कि इस अभियान के माध्यम से छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होगी और उनमें आत्मविश्वास का संचार होगा, जो उनके उज्जवल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, मिशन शक्ति फेज-6 न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास है, बल्कि यह उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।