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कटियाबाजों को संरक्षण देती थी सपा सरकार- ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का अखिलेश यादव पर तीखा हमला

यूपी के ऊर्जा मंत्री AK शर्मा ने अखिलेश यादव और सपा सरकार पर बिजली माफिया, कटियाबाजी, भ्रष्टाचार और महंगी बिजली खरीद के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा शासन में बिजली चोरी को संरक्षण मिला, जबकि योगी सरकार ने तकनीकी सुधारों से व्यवस्था को मजबूत किया है।

 

लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर लगाए गए ‘कटियाबाज’ पोस्टरों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति और गर्म हो गई है। इस विवाद के बीच प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए बिजली व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सपा शासन के दौरान प्रदेश में बिजली चोरी को संरक्षण दिया गया और बिजली माफियाओं का खुला राज था।

ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि अखिलेश सरकार के समय प्रदेश के पूरे बिजली तंत्र को कमजोर करने का काम हुआ। उनके अनुसार उस दौर में नेताओं, गुंडों और माफियाओं को ‘कटिया मारकर’ बिजली इस्तेमाल करने की खुली छूट दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में सुनियोजित तरीके से बिजली चोरी कराई जाती थी और स्थानीय स्तर पर माफिया बिजली वितरण तक नियंत्रित करते थे।

‘सपा राज में बिजली माफिया बन गए थे वितरक’

AK शर्मा ने कहा कि सपा शासन में बिजली विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचार की गिरफ्त में था। उन्होंने संभल और मथुरा जैसे जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां संगठित तरीके से बिजली चोरी कराई जाती थी। मंत्री के मुताबिक, योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद ऐसे नेटवर्क पर कड़ा शिकंजा कसने का काम किया और बिजली चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था लागू कर रही है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।

खराब ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तारों को बताया सपा की देन

ऊर्जा मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान लगाए गए ट्रांसफॉर्मर, बिजली तार और खंभे बेहद खराब गुणवत्ता के थे। यही वजह है कि आज भी कई इलाकों में जर्जर तारों और बार-बार ट्रांसफॉर्मर फुंकने की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार लगातार बिजली ढांचे को मजबूत करने में जुटी हुई है।

महंगी बिजली खरीद और भर्ती घोटाले का भी लगाया आरोप

AK शर्मा ने सपा सरकार पर महंगी दरों पर बिजली खरीद समझौते करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय किए गए अनुबंधों का आर्थिक बोझ आज भी प्रदेश की जनता उठा रही है। इसके साथ ही उन्होंने बिना मेरिट भर्ती और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि गलत तरीके से नियुक्त कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं का शोषण किया।

ऊर्जा मंत्री ने बिजली विभाग में PF घोटाले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हजारों करोड़ रुपये गलत जगह निवेश किए गए, जिससे कर्मचारियों में असुरक्षा और विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ा।

योगी सरकार ने गिनाईं बिजली क्षेत्र की उपलब्धियां

ऊर्जा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। सरकार का दावा है कि वर्ष 2017 से नवंबर 2025 तक 15.87 लाख नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 765 नए 33/11 केवी सब-स्टेशन बनाए गए।

इसके अलावा 165 लाख नए बिजली कनेक्शन देने, 59 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने और 26 हजार किलोमीटर से ज्यादा पारेषण लाइन विस्तार का भी दावा किया गया। सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत करोड़ों परिवारों को बिजली सुविधा से जोड़ने की बात कही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘कटियाबाज’ पोस्टर विवाद के बीच AK शर्मा का यह बयान आने वाले समय में यूपी की सियासत को और गर्म कर सकता है।