प्रयागराज हत्याकांड: बेटे ने दोस्त संग की माता-पिता और बहन की हत्या, फिर खुद भी बना शिकार
प्रयागराज I प्रयागराज के साउथ मलाका स्थित चर्चित चारहरे हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य और बेटी मीनाक्षी की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके ही बेटे अभिषेक वैश्य ने अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर की थी। हालांकि वारदात के बाद लूट के माल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में शनि ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।
पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि रविवार रात अभिषेक और उसका दोस्त शनि गुप्ता घर पहुंचे। दोनों ने पहले साथ बैठकर बीयर पी और फिर धारदार हथियार से वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता और बहन मीनाक्षी की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद घर में रखे जेवरात और नकदी लूट ली गई।
पुलिस के मुताबिक, लूट के माल के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान शनि गुप्ता ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। जांच को गुमराह करने के लिए उसने अभिषेक के खून से गत्ते पर "बंटी और बबली ने मारा है" लिख दिया, ताकि शक परिवार के छोटे बेटे और उसकी पत्नी पर जाए। उल्लेखनीय है कि छोटा बेटा अश्वनी पहले से ही जेल में बंद है।
चार शव मिलने से मचा था हड़कंप
मंगलवार को साउथ मलाका चौराहा स्थित मकान से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पहली मंजिल पर कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के शव खून से लथपथ मिले। बाद में पूरे मकान की तलाशी के दौरान दुकान के अंदर बेटे अभिषेक (40) का शव भी बरामद हुआ।
चारों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले थे। शुरुआती जांच में संपत्ति विवाद और करोड़ों रुपये की जायदाद को लेकर हत्या की आशंका जताई गई थी।
करोड़ों की संपत्ति और हर महीने लाखों की आमदनी
वीरेंद्र कुमार वैश्य साउथ मलाका स्थित अपने पुश्तैनी मकान में परिवार के साथ रहते थे। करीब 200 वर्ग गज में बने इस भवन के भूतल पर 14 दुकानें हैं, जिनमें से 12 किराए पर दी गई हैं। इन दुकानों से परिवार को हर महीने एक लाख रुपये से अधिक किराया मिलता था।
बेटी मीनाक्षी ने हाल ही में गिफ्ट गैलरी का व्यवसाय शुरू किया था, जबकि अभिषेक भी एक दुकान संचालित करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के कारण संपत्ति विवाद को लेकर हत्या की आशंका और गहरा गई थी।
रविवार को आखिरी बार दिखा था परिवार
स्थानीय लोगों के अनुसार, वीरेंद्र कुमार को रविवार सुबह घर के बाहर सफाई करते देखा गया था। दोपहर करीब 12 बजे के बाद परिवार का कोई सदस्य दिखाई नहीं दिया। सोमवार और मंगलवार को भी उनकी दुकानें नहीं खुलीं। जब मकान से दुर्गंध आने लगी, तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
दो पुलिसकर्मी निलंबित
इस बहुचर्चित हत्याकांड में लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपी शनि गुप्ता के खिलाफ हत्या, लूट और साक्ष्य मिटाने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।