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‘माफिया-मच्छर’ से मेडिकल हब तक पहुंचा पूर्वांचल, युवाओं के सामने रोजगार और उद्यम के नए अवसर: CM योगी
 

 

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को अब पिछड़ेपन, बेरोजगारी या नशे से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है। पूर्वांचल के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं थी, बल्कि पहले व्यवस्था उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रही थी। सरकार ने उन्हें अवसर और मंच उपलब्ध कराया, जिसके बाद युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित एक न्यूज चैनल के ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूर्वांचल के युवाओं के सामने शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यम के कई अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा अब क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

‘युवा को नशेड़ी कहकर नहीं लगा सकते लांछन’

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “हम अपने युवा को नशेड़ी नहीं कह सकते, अपने युवा के ऊपर कोई लांछन नहीं लगा सकते। अगर उसकी क्षमता का उपयोग पहले नहीं हो पाया तो कमी युवा में नहीं, उस सिस्टम में थी, जो उसकी प्रतिभा का उपयोग नहीं कर पा रहा था।”

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की है। इससे पूर्वांचल के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।

काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देकर विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले लोगों ने गांधी के सपनों को जमीन पर उतारने की दिशा में पर्याप्त काम नहीं किया।

उन्होंने काशी का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1916 में महात्मा गांधी काशी विश्वनाथ मंदिर गए थे। वहां की संकरी गलियों और गंदगी को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम भव्य स्वरूप में सामने आया है।

योगी ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम जैसे धार्मिक स्थलों के विकास से केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिला, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। पर्यटकों के खर्च से टैक्सी, होटल, रेस्टोरेंट, फूल, बाजार और नाविकों सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

‘माफिया-मच्छर’ से मेडिकल हब तक पहुंचा पूर्वांचल

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश कभी ‘माफिया और मच्छर’ की समस्या से जूझता था। उनके मुताबिक माफिया आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करते थे, जबकि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां लोगों के लिए बड़ी चुनौती थीं।

इंसेफेलाइटिस का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि सांसद रहते उन्होंने सड़क से लेकर संसद तक इस बीमारी के खिलाफ आवाज उठाई। मुख्यमंत्री बनने के बाद सरकार ने बीमारी की रोकथाम और इलाज की दिशा में प्रभावी कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि आज पूर्वांचल इंसेफेलाइटिस के साथ डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों के खिलाफ भी प्रभावी तरीके से काम कर रहा है।

योगी ने कहा कि कभी बीमारियों के लिए बदनाम रहा बीआरडी मेडिकल कॉलेज अब सुपर स्पेशियलिटी केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। गोरखपुर में एम्स की स्थापना हुई है और पूर्वांचल के कई जिलों में मेडिकल कॉलेजों की श्रृंखला तैयार हुई है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ तक

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में माफिया का प्रभाव निवेश और रोजगार के रास्ते में बड़ी बाधा था। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया, हमने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट दिया और वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज दिया।”

उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में गोरखपुर में हुए निवेश से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने फर्टिलाइजर कारखाने, पिपराइच और मुंडेरवा चीनी मिल, कताई मिल तथा खजनी के कंबल कारखाने जैसे बंद उद्योगों के दोबारा शुरू होने का भी उल्लेख किया।

योगी ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सड़क और रेल कनेक्टिविटी तथा औद्योगिक माहौल के कारण अब दूसरे राज्यों के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और युवाओं का दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम हुआ है।

गोरखपुर से 14 उड़ानें, लखनऊ की दूरी तीन घंटे

मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर से लखनऊ की यात्रा अब करीब तीन घंटे में पूरी हो रही है, जबकि पहले इसमें लगभग आठ घंटे लगते थे। वहीं वाराणसी की यात्रा भी करीब ढाई घंटे में संभव हो गई है।

उन्होंने कहा कि करीब दस वर्ष पहले गोरखपुर से कभी-कभार एक फ्लाइट संचालित होती थी, जबकि अब यहां से 14 उड़ानें संचालित हो रही हैं और इनमें अच्छी मांग है।

तीन वर्षों में यूपी को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। अब सरकार उत्तर प्रदेश को अगले तीन वर्षों में एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश को कभी कमजोर और बीमारू अर्थव्यवस्था वाला क्षेत्र माना जाता था, लेकिन आज यह स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

योगी ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा, जब विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा। इसके लिए पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य क्षेत्र और बुंदेलखंड—सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास जरूरी है।