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UP में भाजपा को झटका, 2 पूर्व विधायकों समेत कई नेता सपा में शामिल; अखिलेश बोले- मैं कोई साधु-संत नहीं, हमें तो CM की कुर्सी चाहिए!

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार, 26 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में भाजपा और अन्य दलों से जुड़े कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इनमें बदायूं की दातागंज सीट से दो बार विधायक रहे सिनोद शाक्य, बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी और भाजपा नेता चंद्र कुमार मिश्र उर्फ बापू शामिल हैं। इन नेताओं के सपा में आने को पार्टी की पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता और कुर्सी को लेकर दिए गए बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में सरकार बनाने और जनता की सेवा करने के उद्देश्य से आए हैं। अखिलेश ने कहा, "मैं कोई साधु-संत थोड़ी हूं, जो जंगलों या मठों में जाऊंगा। हमें तो सत्ता और मुख्यमंत्री की कुर्सी ही चाहिए, ताकि हम प्रदेश का विकास कर सकें।"

नए नेताओं के आने से मजबूत होगी पीडीए की लड़ाई: अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल हुए नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि इन जॉइनिंग से पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक संदेश गया है। उन्होंने दावा किया कि नए साथियों के आने से पीडीए की लड़ाई और मजबूत होगी तथा समाजवादी पार्टी का संगठनात्मक विस्तार होगा।

पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी की सराहना करते हुए अखिलेश ने कहा कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उनकी अलग पहचान रही है। उन्होंने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं को उचित राजनीतिक सम्मान देने का आश्वासन भी दिया।

सपा की सरकार बनी तो आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने का वादा

कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कई घोषणाएं और वादे किए। उन्होंने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा। इसके अलावा संविदा सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने और वाल्मीकि समाज के बेघर परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का वादा किया।

उन्होंने बड़े पैमाने पर साइकिल वितरण और अधिवक्ताओं के लिए चैंबर बनवाने की भी बात कही।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, भाजपा पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने भाजपा पर मतदाता सूची में हेराफेरी और चुनावी धांधली के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की मतदाता सूची में 'सुनीता पत्नी राजेश' नाम से दो हजार से अधिक प्रविष्टियां सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने के बाद ही चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि, इन आरोपों और मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसके अलावा अखिलेश ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लखनऊ में हत्या की घटनाओं और गोरखपुर जेल में संदिग्ध मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने विवादित राजनीतिक होर्डिंग्स को लेकर भी सवाल किया कि इन्हें कौन लगवा रहा है और इनके पीछे पैसा किसका है।

पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी बोले- 2027 में अखिलेश को बनाएंगे मुख्यमंत्री

समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी ने कहा कि वह वर्ष 2015 तक प्रशासनिक सेवा में थे और जब सेवानिवृत्त हुए, उस समय अखिलेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।

उन्होंने कहा कि अब उन्हें अखिलेश यादव के साथ राजनीतिक रूप से काम करने का अवसर मिला है। पासी ने विश्वास जताया कि 2027 में समाजवादी पार्टी सरकार बनाएगी और अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे।

राम बहादुर पासी ने वर्ष 2017 में बसपा के टिकट पर मोहनलालगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इसके बाद उन्होंने नागरिक एकता पार्टी का गठन किया और 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे।

सिनोद शाक्य और कुशाग्र सागर के शामिल होने से बदायूं में बदले सियासी समीकरण

बदायूं की दातागंज विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे सिनोद शाक्य की समाजवादी पार्टी में वापसी हुई है। वह पहले बसपा से विधायक रहे और बाद में सपा से जुड़े थे। वर्ष 2022 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था।

वहीं, बिसौली विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर भी सपा में शामिल हो गए। कुशाग्र ने वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता था, जबकि 2022 में उन्हें सपा प्रत्याशी आशुतोष मौर्य से हार का सामना करना पड़ा था।

दोनों पूर्व विधायकों के सपा में आने से बदायूं जिले की दातागंज और बिसौली विधानसभा सीटों पर नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा है। हालांकि, आगामी चुनाव के लिए इन नेताओं की उम्मीदवारी को लेकर पार्टी ने अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।

अमेरिका से लौटीं सबीना परवीन भी सपा में शामिल

कार्यक्रम में अमेरिका से भारत लौटीं सबीना परवीन ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि वह केवल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने नहीं, बल्कि अखिलेश यादव के आंदोलन का हिस्सा बनने आई हैं।

सबीना ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में काम करने की इच्छा जताई। उन्होंने मुरादाबाद की कुंदरकी विधानसभा सीट पर जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर काम करने और भविष्य में चुनाव लड़ने की भी इच्छा व्यक्त की।

दारा सिंह प्रजापति बोले- टिकट के लिए नहीं आया

समाजवादी पार्टी में शामिल हुए दारा सिंह प्रजापति ने कहा कि वह टिकट या किसी पद की अपेक्षा लेकर पार्टी में नहीं आए हैं। उनका उद्देश्य अखिलेश यादव के नेतृत्व में काम करना और 2027 में सपा की सरकार बनाने के प्रयासों में योगदान देना है।

उन्होंने कहा कि वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ पार्टी के लिए काम करेंगे। इस दौरान अन्य कई राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

पांच गरीब परिवारों को मिली नए मकानों की चाबी

राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकार से जुड़ी पहल भी देखने को मिली। अखिलेश यादव ने पांच महिला लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपीं।

उन्होंने जरूरतमंद परिवारों के लिए करीब पांच लाख रुपये की लागत से मकान बनवाने वाले मंतोष यादव को सम्मानित किया। अखिलेश ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य है।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव, सांसद अवधेश प्रसाद, हरेंद्र मलिक और आदित्य यादव समेत कई जनप्रतिनिधि एवं पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सक्रियता तेज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। समाजवादी पार्टी लगातार दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने में जुटी है। विशेष रूप से बदायूं के दो पूर्व विधायकों और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के पार्टी में शामिल होने को संगठन विस्तार के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।