{"vars":{"id": "130921:5012"}}

'देश में दो मियां, एक छोटे और एक बड़े, दोनों को घुसपैठियों से प्यार', राहुल-अखिलेश पर बरसे CM योगी
 

 

कानपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर के बिठूर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा, "देश के अंदर दो मियां हैं, एक छोटे मियां और एक बड़े मियां।" उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को बांग्लादेशी घुसपैठियों से लगाव है, लेकिन दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं के अधिकारों की चिंता नहीं है।

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को राशन कार्ड और अन्य सरकारी सुविधाएं दिलाकर गरीबों के अधिकारों का हनन करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को ऐसे राजनीतिक दलों की नीतियों को समझना होगा।

'सपा का मतलब दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद'

मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा की राजनीति दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद के इर्द-गिर्द घूमती रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता विरासत में मिल सकती है, लेकिन जनता का विश्वास विरासत में नहीं मिलता। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि केवल पारिवारिक राजनीतिक विरासत के भरोसे लंबे समय तक जनता का समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने सपा की पूर्ववर्ती सरकार पर दंगाइयों और भू-माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कोसी कलां, मुजफ्फरनगर और मथुरा के जवाहर बाग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक थी। उन्होंने जवाहर बाग में अवैध कब्जा हटाने के दौरान पुलिस अधिकारियों मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की हत्या का भी जिक्र किया।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विपक्ष से सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध को लेकर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले पात्र हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने की व्यवस्था का विरोध क्यों किया गया।

उन्होंने विपक्षी दलों से गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकारों को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति में तुष्टीकरण को प्राथमिकता दी जाती रही है।

गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या का किया उल्लेख

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 1931 में कानपुर के सांप्रदायिक दंगों के दौरान पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर के पिता की हत्या का जिक्र करते हुए प्रदेश में राजनीतिक हिंसा की घटनाओं पर बात की।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास के लिए कानून का शासन, सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।

बिठूर को 411 करोड़ की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 19 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और रामायण पाठ में भाग लिया।

बिठूर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी ने बिठूर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि महर्षि वाल्मीकि की तपस्थली और रामायण की रचना से जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर माता सीता ने आश्रय लिया था और भगवान राम के पुत्र लव-कुश का बचपन बीता था।

उन्होंने बिठूर को 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक विरासत से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियां इस क्षेत्र से जुड़ी हैं। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ विकास को आगे बढ़ाने की बात कही।

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री की राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणियों ने प्रदेश की राजनीतिक बहस को एक नया मुद्दा दिया है। हालांकि, घुसपैठियों को सरकारी सुविधाएं दिलाने और विपक्षी दलों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।