UP: 65 हजार कर्मचारियों को मिलेगा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों जैसा वेतन, भत्ते और सेवा सुरक्षा का लाभ
कानपुर। रक्षा मंत्रालय के इंपावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (ईजीओएम) ने देश की सात रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) के अंतर्गत संचालित 41 आयुध निर्माणियों में कार्यरत लगभग 65 हजार कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। ईजीओएम की बैठक में उन कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक मानी गई प्रतिनियुक्ति (डीम्ड डेप्युटेशन) पर बनाए रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिन्होंने नए डीपीएसयू में समावेशन (एब्जॉर्प्शन) का विकल्प नहीं चुना है।
इस निर्णय के बाद कर्मचारियों को केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के रूप में मिलने वाले वेतनमान, भत्ते, अवकाश, चिकित्सा सुविधाएं, पदोन्नति तथा अन्य सेवा शर्तों का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। लंबे समय से भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता और चिंता अब काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
गौरतलब है कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के निगमीकरण के बाद से भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किए जा रहे थे। कर्मचारी संगठनों ने ईजीओएम के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
बीपीएमएस के कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश सिंह ने कहा कि नए रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों में समावेशन का विकल्प न चुनने वाले कर्मियों को सेवानिवृत्ति तक डीम्ड डेप्युटेशन पर बनाए रखने का फैसला सराहनीय है। इससे कर्मचारियों के सेवा हितों और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
वहीं, बीपीएमएस के संयुक्त मंत्री योगेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के निगमीकरण के समय से ही संगठन कर्मचारियों के हितों, सेवा सुरक्षा और केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों को बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहा है। ईजीओएम के इस निर्णय से समावेशन का विकल्प न चुनने वाले कर्मचारियों के सेवा हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होगी।