उत्तर प्रदेश में बनेंगे 8 नए लिंक और एक्सप्रेसवे, अक्टूबर-नवंबर में फाइनल होंगे टेंडर; देखें पूरी लिस्ट
उत्तर प्रदेश में आठ नए लिंक और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के टेंडर फाइनल करने की समयसीमा तय हो गई है। फर्रुखाबाद, झांसी, जेवर और चित्रकूट लिंक समेत आठ परियोजनाओं के टेंडर अक्टूबर-नवंबर में फाइनल होंगे। वहीं बीडा अब तक 28,874 एकड़ जमीन अधिग्रहीत कर चुका है और महायोजना-2045 को मंजूरी की तैयारी है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को विस्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। प्रदेश में प्रस्तावित आठ नए लिंक और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के टेंडर फाइनल करने की समयसीमा तय कर दी गई है। चार परियोजनाओं के टेंडर 15 अक्टूबर तक, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का टेंडर 30 अक्टूबर तक और तीन अन्य परियोजनाओं के टेंडर 30 नवंबर तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बृहस्पतिवार को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक में अधिकारियों को सभी प्रक्रियाएं तय समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
इन चार एक्सप्रेसवे के टेंडर 15 अक्टूबर तक होंगे फाइनल
बैठक में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के टेंडर 15 अक्टूबर तक फाइनल करने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके बाद चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के टेंडर को 30 अक्टूबर तक अंतिम रूप देने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
वहीं तीन अन्य परियोजनाओं के लिए नवंबर के अंत तक का समय दिया गया है।
नवंबर तक इन तीन परियोजनाओं के टेंडर होंगे फाइनल
मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के टेंडर 30 नवंबर तक फाइनल करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।
आठों परियोजनाओं की टेंडर डेडलाइन एक नजर में
परियोजना टेंडर फाइनल करने की समयसीमा
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे 15 अक्टूबर
- आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे 15 अक्टूबर
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे 15 अक्टूबर
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे 15 अक्टूबर
- चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे 30 अक्टूबर
- मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे 30 नवंबर
- विंध्य एक्सप्रेसवे 30 नवंबर
- विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 30 नवंबर
बीडा के लिए 56,662 एकड़ जमीन अधिग्रहण का लक्ष्य
बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बीडा के लिए कुल 56,662 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 28,874 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है।
मुख्य सचिव ने बीडा की महायोजना-2045 को शासन से समन्वय करते हुए 25 अक्टूबर तक मंजूरी दिलाने के निर्देश दिए।
महायोजना के तहत पहले चरण में विकसित किए जाने वाले 1,000 एकड़ क्षेत्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। महायोजना को मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
मेडिकल डिवाइस पार्क में 123 भूखंड आवंटित
बैठक में ग्रेटर नोएडा स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति की भी जानकारी दी गई। यहां अब तक 123 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं।
इनमें से 112 भूखंडों के लीज प्लान मिल चुके हैं, जबकि 82 की लीज डीड भी निष्पादित हो चुकी है। इसके अलावा 71 आवंटियों को भूखंड का कब्जा दिया जा चुका है और 42 भूखंडों के नक्शे स्वीकृत हो चुके हैं।
समयसीमा के भीतर काम पूरा करने पर जोर
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं में प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचा जाए। संबंधित विभाग नियमित मॉनीटरिंग करें और आपसी समन्वय के साथ तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।
आठ नए लिंक और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के टेंडर की समयसीमा तय होने के बाद अब संबंधित विभागों के सामने अक्टूबर और नवंबर में इन प्रक्रियाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी है।