UP Cabinet Expansion: 10 मई से पहले योगी कैबिनेट में हो सकता है बड़ा फेरबदल, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासत तेज
उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज है। 10 मई तक बड़े बदलाव की चर्चा है। नए मंत्री, विभागों में फेरबदल और एक और उपमुख्यमंत्री की अटकलों के बीच जातीय संतुलन और चुनावी रणनीति को साधने की तैयारी जोरों पर है।
UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंदरखाने तैयारियां अंतिम दौर में बताई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, 10 मई तक कैबिनेट में बड़ा फेरबदल हो सकता है, जिसमें नए चेहरों की एंट्री के साथ कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी तय मानी जा रही है।
दिल्ली बैठक में बनी रणनीति, चुनावी समीकरण साधने पर जोर
दिल्ली में हाल ही में हुई भाजपा की अहम बैठक ने इस पूरे घटनाक्रम को और तेज कर दिया है। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सहित कई बड़े नेता शामिल हुए। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट विस्तार और राजनीतिक रणनीति पर गंभीर चर्चा हुई।
नए मंत्री, प्रमोशन और हटाए जाने की चर्चा
सूत्रों की मानें तो 5 से 7 नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं, करीब 6 नए मंत्रियों की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। इसके साथ ही दो मंत्रियों को सरकार से हटाकर संगठन में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। कुछ वरिष्ठ नेताओं के विभागों में कटौती या बदलाव की भी संभावना है, जबकि कुछ को प्रमोशन मिल सकता है।
एक और उपमुख्यमंत्री? अटकलें तेज
राजनीतिक गलियारों में एक और उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिहाज से इसे अहम कदम माना जा रहा है।
जातीय समीकरण साधने की बड़ी कवायद
कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और गुर्जर समुदाय को प्रतिनिधित्व देने की संभावना है। वहीं, पूर्वांचल से दो ओबीसी नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
इसके अलावा, एक नए ब्राह्मण चेहरे को कैबिनेट में शामिल करने और एक पुराने ब्राह्मण नेता की वापसी की भी चर्चा है। दलित समुदाय से भी दो नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
किन नामों पर चल रही चर्चा?
संभावित चेहरों में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अशोक कटारिया, पूजा पाल, श्रीकांत शर्मा, राजीव तरारा, कृष्णा पासवान और राजेश्वर सिंह जैसे नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। हालांकि, अंतिम मुहर पार्टी नेतृत्व के फैसले के बाद ही लगेगी।
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद बड़ा फैसला संभव
सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। इसे आगामी चुनावों से पहले सियासी संतुलन मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
4 मई की बैठक बन सकती है टर्निंग पॉइंट
बताया जा रहा है कि 4 मई को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक मौजूदा मंत्रियों के लिए अंतिम बैठक साबित हो सकती है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।