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यूपी के 25 लाख युवाओं को फ्री टैबलेट देगी योगी सरकार, जानें किसे मिलेगा और कैसे मिलेगा

उत्तर प्रदेश सरकार 2026-27 में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख योग्य युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी। योगी कैबिनेट ने टैबलेट खरीद को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत छात्रों और प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को डिजिटल शिक्षा, ट्रेनिंग, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने के लिए बड़ा फैसला लिया है। योगी सरकार 25 लाख योग्य युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। टेंडर प्रक्रिया के जरिए चयनित संस्थानों को टैबलेट खरीद के ऑर्डर जारी किए जाएंगे।

पांच साल तक चलेगी योजना

सरकार के मुताबिक, योजना का उद्देश्य सिर्फ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के डिजिटल अवसरों से जोड़ना है। योजना पांच साल के लिए लागू रहेगी।

मुफ्त टैबलेट का इस्तेमाल युवा ऑनलाइन पढ़ाई, ट्रेनिंग, सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी डिजिटल सेवाओं के लिए कर सकेंगे।

किन युवाओं को मिलेगा मुफ्त टैबलेट?

योजना के तहत विभिन्न शैक्षणिक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पढ़ रहे योग्य छात्रों और युवाओं को टैबलेट दिए जाएंगे। इनमें—

  • अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स के छात्र
  • डिप्लोमा कार्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थी
  • स्किल डेवलपमेंट कोर्स करने वाले युवा
  • टेक्निकल और हायर एजुकेशन से जुड़े विद्यार्थी
  • हेल्थ एजुकेशन और ITI से जुड़े पंजीकृत कुशल युवा, शामिल हैं।

खास बात यह है कि छात्रों को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। योजना का लाभ पात्र छात्रों को उनके संबंधित शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से दिया जाएगा।

डिजिटल पढ़ाई के साथ रोजगार पर भी फोकस

सरकार का कहना है कि टैबलेट मिलने से युवाओं को डिजिटल माध्यम से अपने कोर्स और ट्रेनिंग को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वे ऑनलाइन प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी सेवाओं तक भी आसानी से पहुंच सकेंगे।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इस फैसले से हायर एजुकेशन, टेक्निकल एजुकेशन, हेल्थ एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट और ITI से जुड़े युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी और युवाओं की रोजगार पाने की क्षमता भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि तकनीकी रूप से सक्षम युवा वर्कफोर्स रोजगार के अवसर बढ़ाने और सर्विस सेक्टर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।