बेटी के जन्म से स्नातक तक पढ़ाई की जिम्मेदारी, सीएम योगी बोले- यूपी सरकार कर रही पूरी व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए योजनाबद्ध व्यवस्था कर रही है। ‘बिटिया और बहना-यूपी का गहना’ कार्यक्रम में उन्होंने मिशन शक्ति के तहत बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया और बदले माहौल का जिक्र किया।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी स्नातक तक की पढ़ाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन शक्ति के जरिए बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को अपने आवास पर आयोजित ‘बिटिया और बहना-यूपी का गहना’ स्नेहबंधन कार्यक्रम में बेटियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज बेटियां पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माहौल में शिक्षा हासिल कर रही हैं और पढ़ाई से लेकर रोजगार तक विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बड़ी चुनौती यह थी कि कई बेटियां स्कूल तक नहीं पहुंच पाती थीं। कई अभिभावक उनकी पढ़ाई बीच में छुड़ा देते थे, जबकि कुछ परिवार सुरक्षा के कारण बेटियों को दूसरे प्रदेशों के शहरों में हॉस्टल में रखने के लिए मजबूर होते थे। अब परिस्थितियां बदली हैं और बेटियों को अपने ही क्षेत्र में सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश केवल बेटियों को शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और सम्मान से विश्वास पैदा होता है और यही विश्वास आत्मसम्मान व आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है। आत्मनिर्भर समाज ही विकास को गति देता है।
रक्षाबंधन के महत्व पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व केवल रक्षा सूत्र बांधने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे परिवार और समाज के रिश्तों के साथ आर्थिक गतिविधियां भी जुड़ी हैं। एक राखी के निर्माण से कारीगरों और हस्तशिल्पियों से लेकर दुकानदारों तक की आजीविका जुड़ी होती है। ऐसे में त्योहार स्थानीय स्तर पर आर्थिक स्वावलंबन को भी बढ़ावा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां वे बिना भय के शिक्षा हासिल करें और आगे चलकर रोजगार तथा स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बन सकें।