UP: माध्यमिक स्कूलों में जुलाई बनेगा 'समग्र विकास' का महीना, पढ़ाई के साथ करियर, स्वास्थ्य और डिजिटल शिक्षा पर फोकस
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से जुलाई माह के दौरान प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन के साथ बोर्ड परीक्षा आवेदन प्रक्रिया, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पूरे महीने संचालित होने वाली इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, जीवन कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना है। इसके अलावा सीखने की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
जुलाई में विद्यालयों में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा करियर काउंसिलिंग (साइकोमेट्रिक टेस्ट) जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इन अभियानों के माध्यम से छात्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और भविष्य की बेहतर योजना बनाने की समझ विकसित की जाएगी।
सरकार का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में तैयार करना भी है। इसी सोच के तहत जुलाई माह में शिक्षा के साथ जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास पर विशेष फोकस रखा जाएगा।