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चीनी की कमी या अफवाह? CM योगी ने साफ किया मामला, मिलों में पड़ा है 179.38 लाख कुंतल स्टॉक

उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है। सीएम ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से मिलें शुरू करने को कहा गया है।
 

UP Sugar Crisis: उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है और आम जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

चीनी की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में इस समय 179.38 लाख कुंतल चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सीएम योगी ने कहा कि चीनी की कमी को लेकर अफवाह फैलाने, जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल का स्टॉक

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को चीनी के मौजूदा स्टॉक की जानकारी दी। इसके मुताबिक प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है।

अधिकारियों के अनुसार जून और जुलाई के दौरान प्रदेश की चीनी मिलों ने करीब 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिक्री के बावजूद इसका बड़ा हिस्सा अभी भी बाजार में उपलब्ध है। ऐसे में प्रदेश में चीनी की कमी की स्थिति नहीं है।

जरूरत पड़ी तो 15 अक्टूबर से शुरू होगा मिलों का संचालन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाजार की जरूरत को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू कराया जाए।

बैठक में पेराई सत्र 2026-27 को लेकर भी जानकारी दी गई। अनुमान के मुताबिक इस सीजन में प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होने की संभावना है। इससे लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान है।

इस संभावित उत्पादन को देखते हुए सरकार का जोर आने वाले समय में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने पर है।

जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्ती

चीनी की कीमतों और उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चीनी की कमी का भ्रम फैलाने वालों पर नजर रखी जाए और यदि कहीं जमाखोरी या कालाबाजारी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार कोई भी डीलर 30 दिन से ज्यादा का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा। वहीं, एक समय में 400 टन से अधिक चीनी के भंडारण की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा बल्क कंज्यूमर्स को भी 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

चीनी मिलों के लिए भी स्टॉक रखने की सीमा तय है। मिलें अपने मासिक कोटे की चीनी को बिक्री की तारीख से 7 दिन से ज्यादा समय तक गोदाम में नहीं रोक सकेंगी।

जिलाधिकारियों को गोदामों के भौतिक सत्यापन के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को चीनी मिलों के साथ-साथ थोक और फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को उपलब्ध स्टॉक और बाजार में चीनी की कीमतों की लगातार निगरानी करनी होगी। अगर किसी इलाके में कृत्रिम कमी पैदा करने या कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी की स्थिति सामने आती है, तो इसकी जानकारी तत्काल शासन को दी जाए।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद जमाखोरी या कालाबाजारी के कारण आम लोगों को अधिक कीमत पर चीनी खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।

48 लाख गन्ना किसानों को हुआ 32,554 करोड़ से ज्यादा का भुगतान

बैठक में प्रदेश के गन्ना किसानों को किए गए भुगतान की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों के अनुसार पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश के करीब 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। सरकार का कहना है कि चीनी उत्पादन, स्टॉक और किसानों के भुगतान से जुड़े मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि आगामी पेराई सत्र के दौरान भी व्यवस्था सुचारू बनी रहे।