{"vars":{"id": "130921:5012"}}

लखनऊ में UGC के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन, 1090 चौराहे से CM आवास कूच की कोशिश

 

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को UGC से जुड़े कानून के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी 1090 चौराहे पर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां थीं। उन्होंने UGC से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग की।

CM आवास की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी

करीब आधे घंटे तक 1090 चौराहे पर प्रदर्शन करने के बाद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने बालू अड्डा चौराहे के पास भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोक दिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस द्वारा आगे जाने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मौके पर ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सवर्ण सांसद-विधायकों की सांकेतिक अर्थी लेकर निकले

प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक अर्थी लेकर भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ‘मुर्दा है भाई, मुर्दा है’ और ‘नेता हमारा मुर्दा है’ जैसे नारे लगाए।

सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा कि सत्ता में बैठे सवर्ण समाज के नेताओं से लगातार सवाल किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि UGC से जुड़े कानून का विरोध जारी रहेगा और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

'काले कानून से कम नहीं UGC'

प्रदर्शन में शामिल राहुल सिंह चौहान ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून समाज के हितों के खिलाफ है और किसी काले कानून से कम नहीं है। उन्होंने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

PM और CM के खिलाफ भी नारेबाजी

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 2029 के लोकसभा चुनाव में समाज अपनी ताकत दिखाएगा।

पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के बाद प्रदर्शन स्थल पर काफी देर तक नारेबाजी होती रही।