CM योगी का किसानों को बड़ा तोहफा: वाराणसी के 11,584 किसानों के खातों में भेजे 4.26 करोड़
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वाराणसी के 11,584 किसानों के खातों में 4.26 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। वहीं कृषक दुर्घटना योजना के तहत 40 किसानों को 2 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। यह राशि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए प्रदान की गई है।
वाराणसी: प्रदेश सरकार ने मौसम की मार झेल रहे किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करोड़ों रुपये की क्षतिपूर्ति जारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से One Click DBT के माध्यम से वाराणसी जिले के 11,584 किसानों के बैंक खातों में 4,26,26,375 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की।
खरीफ 2025 में नुकसान झेलने वाले किसानों को राहत
यह क्षतिपूर्ति प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 सीजन में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित किसानों को प्रदान की गई है। इस आर्थिक सहायता से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हो गई थीं।
कृषक दुर्घटना योजना के तहत भी 2 करोड़ की सहायता
इसके अलावा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत जिले के 40 लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 5 लाख रुपये के हिसाब से कुल 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। यह राशि दुर्घटना से प्रभावित किसान परिवारों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से दी गई है।
जनपद स्तर पर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
जनपद स्तर पर इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आयुक्त कार्यालय सभागार में किया गया, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके साथ ही तहसील और विकास खंड स्तर पर भी कार्यक्रम का प्रसारण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे में देना जरूरी
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों ने रबी 2025 के लिए फसल बीमा कराया है, वे प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, जलभराव, कीट-रोग, बिजली गिरने या चक्रवाती बारिश से नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर 14447 या कृषि विभाग को सूचना दें। इससे उन्हें योजना के तहत क्षतिपूर्ति मिल सकेगी।
किसानों की आय सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही फसल बीमा और दुर्घटना कल्याण योजनाएं किसानों की आय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही हैं।