यक्ष ऐप ने UP Police को बनाया सुपरफास्ट- 90 दिन में 12 बड़े केस सुलझे, घंटों में लूट और अपहरण केस का खुलासा
Yaksh App UP Police: उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए योगी सरकार द्वारा लॉन्च किया गया ‘यक्ष एप’ अब यूपी पुलिस के लिए बड़ा हथियार साबित हो रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से पुलिस ने महज 90 दिनों में एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों का खुलासा कर स्मार्ट पुलिसिंग को नई गति दी है।
लूट, अपहरण, हत्या और चोरी के मामलों में मिली बड़ी सफलता
यक्ष एप की मदद से पुलिस ने अपहरण, हत्या, लूट, चोरी और वाहन चोरी जैसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई है। इससे केस सुलझाने का समय पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “पुलिस मंथन” कार्यक्रम के दौरान इस एप को लॉन्च किया था।
कुछ घंटों में दो लूट का खुलासा
डीजीपी राजीव कृष्णा के अनुसार, हरदोई के एक अपहरण मामले में यक्ष एप की जांच में पता चला कि कथित अपहृत व्यक्ति पिछले ढाई साल से जेल में बंद था।
वहीं जौनपुर में 11 मार्च 2026 को जन सेवा केंद्र संचालक से हुई लूट की घटना का खुलासा कुछ ही घंटों में कर लिया गया। पुलिस ने 42-43 सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 1.30 लाख रुपये बरामद किए।
लखनऊ में एक घंटे के भीतर हुई दो लूट की घटनाएं 48 घंटे में सुलझीं
राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में एक घंटे के भीतर हुई दो लूट की घटनाओं का 48 घंटे में खुलासा कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। यक्ष एप के जरिए मोबाइल लोकेशन, गतिविधियों और डिजिटल ट्रैकिंग से पुलिस को सफलता मिली।
आगरा में बुजुर्ग को झूठे आरोप से बचाया
आगरा में एक बुजुर्ग व्यक्ति पर लगे झूठे छेड़छाड़ के आरोप को यक्ष एप की मदद से गलत साबित किया गया। सीसीटीवी फुटेज और फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए असली आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
वाहन चोर गैंग से लेकर जेबकतरा गिरोह तक पर कार्रवाई
रायबरेली में यक्ष एप की मदद से 8 सदस्यीय अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश किया गया। इसके अलावा मेरठ, हाथरस, कानपुर, फर्रुखाबाद और गोंडा में चोरी व जेबकतरी गिरोहों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई।
यक्ष एप की प्रमुख विशेषताएं
- प्रदेशभर के अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस
- सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन आधारित मैपिंग
- प्रत्येक अपराधी को यूनिक क्रिमिनल आईडी
- मल्टी-एंगल फोटोग्राफिक रिकॉर्ड
- जिलों के बीच आसान डेटा शेयरिंग और एनालिटिक्स