योगी सरकार का बड़ा तोहफा, स्मार्ट प्रीपेड मीटर सस्ता, बिजली कंपनियां लौटाएंगी 102 करोड़ रुपये
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने नए साल की शुरुआत में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात दी है। आयोग ने नई कॉस्ट डाटा बुक-2025 जारी कर स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में भारी कटौती कर दी है। अब सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 6016 रुपये की जगह मात्र 2800 रुपये और थ्री फेज मीटर की कीमत 11342 रुपये की जगह 4100 रुपये तय की गई है।
इस फैसले से उन उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिन्होंने 9 सितंबर 2025 के बाद नया बिजली कनेक्शन लिया था। उस समय स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जाने के साथ ऊंची कीमत वसूली गई थी। आयोग के अनुसार, 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में करीब 3.18 लाख नए कनेक्शन जारी हुए, जिनमें अधिकांश सिंगल फेज थे। इनसे वसूली गई अतिरिक्त राशि करीब 191 करोड़ रुपये थी, जबकि नई दरों पर यह राशि लगभग 89 करोड़ रुपये बनती है। इस तरह बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं को 102 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस करनी होगी।
यह रकम उपभोक्ताओं के आने वाले बिजली बिलों में समायोजित की जाएगी या अलग से लौटाई जाएगी। आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि 12 जनवरी 2026 तक सॉफ्टवेयर अपडेट कर नई दरें लागू कर दी जाएं। इसके अलावा, नए कनेक्शन की प्रक्रिया भी आसान हुई है। अब मेन लाइन से 300 मीटर तक की दूरी पर अलग से एस्टीमेट नहीं बनवाना पड़ेगा और कई मामलों में फिक्स्ड चार्ज व सिक्योरिटी मनी का झंझट खत्म हो गया है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं की जीत है। परिषद ने पहले ही अधिक वसूली के खिलाफ आवाज उठाई थी और जल्द रकम वापसी के लिए याचिका दाखिल करने की तैयारी की थी। अब आयोग के आदेश से उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलेगी।
योगी आदित्यनाथ सरकार की इस पहल से प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को नए साल में बड़ा तोहफा मिला है, जिससे नया कनेक्शन लेना सस्ता और सुविधाजनक हो गया है।