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India Heatwave 2026: अप्रैल में ही 45°C पार, क्यों झुलस रहा भारत? इतनी तेज गर्मी पहले क्यों नहीं पड़ती थी? जानिए वजह 

भारत में अप्रैल 2026 में ही तापमान 45°C पार पहुंच गया है। IMD और वैश्विक एजेंसियों ने भीषण हीटवेव की चेतावनी दी है। हीट डोम, अल-नीनो और जलवायु परिवर्तन इसकी मुख्य वजह हैं। जानिए क्यों बढ़ रही गर्मी और इसके स्वास्थ्य व अर्थव्यवस्था पर असर।

 

India Heatwave 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अप्रैल में ही देश के कई हिस्सों में तापमान 45°C के पार पहुंच गया है। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी सामान्य से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है, जिससे हालात चिंताजनक बन गए हैं।

AQI.in के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 90 से अधिक भारत में हैं, जबकि टॉप 20 में से लगभग सभी भारतीय शहर शामिल हैं।

भारत बना हाई हीट रिस्क जोन, आने वाले साल और खतरनाक

रिपोर्ट्स के अनुसार, देश का लगभग 55% हिस्सा अब हाई हीट रिस्क जोन में आ चुका है। वैश्विक स्तर पर भी तापमान लगातार बढ़ रहा है और 2026 में औसत तापमान सामान्य से 1.44°C अधिक रिकॉर्ड किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 में गर्मी और भी ज्यादा प्रचंड रूप ले सकती है, जो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

क्यों बढ़ रही है गर्मी? जानिए मुख्य कारण

1. हीट डोम का असर

गर्म हवा को जमीन के पास कैद करने वाला “हीट डोम” इस बार बड़ी वजह बनकर सामने आया है। यह वायुमंडल में एक अदृश्य ढक्कन की तरह काम करता है, जिससे गर्म हवा ऊपर नहीं उठ पाती और तापमान तेजी से बढ़ता है।

2. कमजोर पश्चिमी विक्षोभ

इस बार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहा, जिससे ठंडी हवाओं का असर कम हुआ और गर्मी का प्रकोप बढ़ गया।

3. जलवायु परिवर्तन

World Meteorological Organization और वैश्विक एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि क्लाइमेट चेंज के कारण हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता लगातार बढ़ रही है।

4. अल-नीनो का प्रभाव

El Niño के सक्रिय होने से तापमान में असामान्य बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार जून से अक्टूबर के बीच इसका असर और तेज हो सकता है।

दिन ही नहीं, रातें भी बन रहीं 'तपती'

अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातों में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.4°C अधिक रहता है, तो उसे “सीवियर वार्म नाइट” कहा जाता है। इसका सीधा असर शरीर की रिकवरी पर पड़ता है, जिससे थकान, डिहाइड्रेशन और नींद की समस्या बढ़ रही है।

किन शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी

देश के कई शहरों में तापमान 44°C से 45°C के बीच दर्ज किया गया है, जिनमें बिहार का भागलपुर, ओडिशा का तालचेर और पश्चिम बंगाल का आसनसोल प्रमुख हैं।

हीटवेव के गंभीर खतरे: सिर्फ गर्मी नहीं, बड़ा स्वास्थ्य संकट

* डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा
* हाई ब्लड प्रेशर, चिड़चिड़ापन और नींद की कमी
* बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों पर ज्यादा असर
* उत्पादकता में गिरावट और आर्थिक नुकसान

रिपोर्ट्स के अनुसार, 1998 से 2017 के बीच दुनिया में 1.66 लाख लोगों की मौत हीटवेव से हुई। भारत में 2023 में हीट स्ट्रोक के हजारों मामले सामने आए। Centre for Science and Environment की रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक भारत में बढ़ती गर्मी के कारण लगभग 5.8% कार्य समय का नुकसान हो सकता है। इससे देश की उत्पादकता और अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।