Varanasi : उत्तर प्रदेश कांग्रेस सेवादल के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता प्रजा नाथ शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति (BHU) जारी कर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में हुए कार्यक्रम पर कड़ी आपत्ति(Mohan Bhagwat BHU visit) जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने शिक्षण संस्थाओं को अपने प्रचार-प्रसार का केंद्र बना लिया है, जो महामना मालवीय द्वारा स्थापित पवित्र शिक्षा मंदिर की मूल भावना के विपरीत है।

प्रजा नाथ शर्मा ने कहा कि मोहन भागवत का IIT-बीएचयू (IIT BHU) में छात्रों के साथ संवाद करना और संघ की विचारधारा व हिंदुत्व पर बातें करना, विश्वविद्यालय परिसर को राजनीतिक रंग देने जैसा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी विभिन्न दलों के नेता विश्वविद्यालय परिसर के भीतर नहीं, बल्कि लंका गेट जैसे बाहरी स्थलों से ही आमजन को संबोधित करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखना चाहिए। परन्तु अब आरएसएस और भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों के लिए बीएचयू में प्रेक्षागृह तक आवंटित किए जा रहे हैं। यहां तक कि परिसर में आरएसएस का पथ संचलन तक आयोजित हो चुका है, जो अत्यंत निंदनीय है।
शर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि न जाने किसके निर्देश पर यह परिसर राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा है। छात्रों के बीच धर्म और जाति के आधार पर विभाजन और नफ़रत का माहौल बनाने का प्रयास हो रहा है, जो बेहद खतरनाक है।

अंत में उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की कि वे छात्रों के हित में हस्तक्षेप करें और महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित BHU की गरिमा बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत रहें, ताकि शिक्षा का उद्देश्य बाधित न हो।