लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री समाज में विभाजन की भावना बढ़ा रहे हैं।
चंद्रशेखर का आरोप है कि चुनावी रैलियों में “बटेंगे तो कटेंगे” का नारा देने वाले योगी आदित्यनाथ, समाज को ‘हरिजन’ और ‘गैर-हरिजन’ के रूप में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इस तरह की भाषा से तथाकथित हिंदू एकता को खतरा नहीं होता? जबकि 1982 में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ‘हरिजन’ शब्द का उपयोग न करने की सलाह दी थी।
आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 2010 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने इस शब्द के उपयोग पर रोक लगाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। अदालत ने भी इसे अपमानजनक मानते हुए प्रतिबंधित किया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति को इन फैसलों की जानकारी होनी चाहिए, या फिर वे जानबूझकर ‘हरिजन’ शब्द का प्रयोग कर अनुसूचित वर्ग का अपमान कर रहे हैं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख ने अपने बयान में बताया कि महात्मा गांधी ने अछूतों के लिए ‘हरिजन’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कड़ा विरोध किया था और इसे अपमानजनक बताया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यह मुद्दा आज भी उतना ही प्रासंगिक है: अगर अनुसूचित जाति के लोग ‘हरिजन’ हैं, तो बाकी लोग किसके जन हैं?