वाराणसी। धर्मनगरी काशी में महापर्व डाला छठ के अवसर पर गुरुवार की शाम को घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को गाय के दूध और गंगा जल से अर्घ्य अर्पित किया और अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। जैसे ही सूर्यास्त का समय हुआ, नमो घाट, राजघाट, प्रह्लाद घाट, पंचगंगा घाट समेत तमाम घाटों पर हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया।

पूरे दिन श्रद्धालु परिवार और मित्रों के साथ घाटों पर पहुंचते रहे। छठ व्रत के इस विशेष अर्घ्य के लिए महिलाएं जल से भरा कलश लेकर गंगा के जल में खड़ी होकर भगवान सूर्य को नमन कर रही थीं। कई परिवारों के लिए यह छठ पूजा एक परंपरा के रूप में पीढ़ियों से निभाई जा रही है, और इसे पूरे आस्था के साथ मनाया गया। छठ पूजा के इस आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। एसीपी भेलूपुर और अन्य पुलिस अधिकारियों की टीम घाटों पर तैनात रही और श्रद्धालुओं की भीड़ पर निगरानी बनाए रखी।

इस अवसर पर वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्रों के पोखरों और तालाबों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। विशेषकर रोहनिया, चिरईगांव और दरेखू जैसे इलाकों में छठ व्रती महिलाओं ने स्थानीय तालाबों पर अर्घ्य अर्पित किया। छठ पूजा के दौरान सभी घाटों पर पुलिस का व्यापक गश्त रहा, और मेला सकुशल संपन्न हुआ।