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एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा काशी रेलवे स्टेशन, 2027 तक मिलेगा नया स्वरूप
 

 
 एयरपोर्ट की तर्ज पर बनेगा काशी रेलवे स्टेशन, 2027 तक मिलेगा नया स्वरूप
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वाराणसी। काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने वर्ष 2027 तक स्टेशन के पुनर्विकास का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी क्रम में 6 जून से 13 सितंबर तक 100 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया गया है, जिसके चलते स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है।

मेगा ब्लॉक के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 की रेल लाइनों को हटाने का कार्य किया जा रहा है, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 से ट्रेनों का संचालन जारी है। दो रेल लाइनों पर करीब 154 यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का दबाव बढ़ने के कारण एक मेमू ट्रेन को रद्द कर दिया गया है, जबकि छह ट्रेनों का संचालन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) से किया जा रहा है।

रेलवे की योजना के अनुसार स्टेशन पर एक विशाल कांकोर्स भवन बनाया जाएगा, जो दोनों प्रवेश द्वारों के भवनों को आपस में जोड़ेगा। यात्री प्रथम तल पर प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर और अन्य सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। वहां से एस्केलेटर, लिफ्ट और सीढ़ियों के माध्यम से अंडरग्राउंड प्लेटफॉर्म तक पहुंचेंगे।

पुनर्विकास के बाद काशी रेलवे स्टेशन में चार की जगह छह प्लेटफॉर्म होंगे, जिनमें चार प्लेटफॉर्म भूमिगत बनाए जाएंगे। स्टेशन को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। रेलवे का मानना है कि भविष्य में यह स्टेशन वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित होगा।

पर्यटन के लिहाज से भी स्टेशन की अहमियत बढ़ेगी। स्टेशन के समीप स्थित नमो घाट, जलयान सेवा और प्रस्तावित हेलीपैड के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार नए स्टेशन परिसर का क्षेत्रफल लगभग 10 हजार वर्ग मीटर होगा। प्रथम तल का क्षेत्रफल 1100 वर्ग मीटर होगा और एक समय में 1800 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

एडीआरएम बृजेश यादव ने बताया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए 100 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया गया है। यात्रियों को भविष्य में एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और निर्माण के दौरान गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

इन ट्रेनों के संचालन में बदलाव

  • 63233 पटना-वाराणसी मेमू अब डीडीयू से संचालित होगी।
  • 63226 वाराणसी-पटना मेमू डीडीयू तक ही जाएगी।
  • 63229/63230 आरा-वाराणसी मेमू रद्द रहेगी।
  • 13343/13344 शक्तिनगर-वाराणसी ट्रेन डीडीयू से चलेगी।
  • 13345/13346 सिंगरौली-वाराणसी मेमू भी डीडीयू से संचालित होगी।

इसके अलावा रेलवे 1200 करोड़ रुपये की लागत से नए राजघाट (मालवीय) पुल का निर्माण भी कर रहा है, जिसे वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुल के तैयार होने के बाद रेल और सड़क दोनों मार्गों से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।