मुंबई। गेटवे ऑफ इंडिया से एलीफेंटा द्वीप जा रही एक यात्री नाव और नौसेना के जहाज के बीच बुधवार को एक भीषण टक्कर हो गई, जिसमें 13 लोग जान गंवा बैठे। जबकि 99 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया। नौसेना का जहाज, जो इंजन परीक्षण से गुजर रहा था, नियंत्रण से बाहर हो गया और नाव से टकरा गया।
घटनास्थल पर पहले पहुंचे मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (एमबीपीटी) की पायलट नाव के चालक आरिफ बामाने ने बताया कि दृश्य बहुत ही दुखद और अव्यवस्थित था। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, कुछ रो रहे थे। बामाने ने कहा कि उनकी टीम ने महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता देते हुए बचाव कार्य शुरू किया और करीब 20-25 लोगों को सुरक्षित बचाया, जिन्हें बाद में नौसेना की नावों में स्थानांतरित किया गया।
नाविकों का साहसिक बचाव प्रयास
घटना के दौरान एक अन्य पर्यटक नाव के चालक इकबाल गोठेकर ने भी मदद के लिए अपनी नाव को मौके पर भेजा। गोठेकर और उनकी टीम ने 16 लोगों को बचाया और उन्हें सुरक्षित गेटवे ऑफ इंडिया पहुंचाया। उन्होंने कहा कि अपने करियर में उन्होंने कभी ऐसी घटना नहीं देखी थी।
सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपनी गश्ती नाव से बचाव कार्य शुरू किया और 56 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। नौसेना, तट रक्षक और तटीय पुलिस ने भी इस बचाव अभियान में सहयोग किया।
एक छोटी बच्ची को मिली नई जिंदगी
आरिफ बामाने ने बताया कि एक छोटी बच्ची, जो बेहोश थी और जिसकी सांसों में पानी चला गया था, को प्राथमिक उपचार प्रदान कर उसकी सांसें सामान्य की गईं।
नाव की क्षमता और दुर्घटना का कारण
सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुई नाव की क्षमता 80 लोगों की थी। यह घटना बुचर द्वीप के पास हुई, जब नाव गेटवे ऑफ इंडिया से रवाना हो रही थी।
समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल
यह हादसा समुद्री सुरक्षा और क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने के खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जांच एजेंसियां इस दुर्घटना की गहराई से जांच कर रही हैं।