नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार (3 फरवरी) को शाम 6 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। 5 फरवरी को राजधानी के 1.56 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि 8 फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। आखिरी दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं ने मतदाताओं से संपर्क साधा और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया।
निर्वाचन आयोग ने 5 फरवरी सुबह 7 बजे से शाम 6:30 बजे तक एग्जिट पोल पर रोक लगा दी है। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आयोग ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया सहित किसी भी माध्यम से एग्जिट पोल या चुनावी सर्वेक्षण के नतीजे प्रसारित नहीं किए जा सकेंगे।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजधानी में 13,766 पोलिंग बूथ तैयार किए गए हैं। इनमें से 733 बूथ दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष रूप से निर्धारित किए गए हैं। चुनाव में 83.76 लाख पुरुष, 72.36 लाख महिलाएं और 1267 थर्ड जेंडर मतदाता अपने वोट डालेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा के तहत 7553 पात्र मतदाताओं में से 6980 लोगों ने पहले ही अपने वोट डाल दिए हैं। यह सुविधा 24 जनवरी से शुरू हुई थी और 4 फरवरी तक जारी रहेगी। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 1000 से अधिक उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि 33,434 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 220 कंपनियां अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, 19,000 होम गार्ड और 35,626 दिल्ली पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से मतदान करने की अपील की है।