वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ‘भारत रत्न बाबा साहब और राष्ट्र निर्माण’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ में हुआ, जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। मुख्य वक्ता डॉ. एसपी मिश्रा, पूर्व आचार्य, विधि विभाग, हरिश्चंद्र महाविद्यालय ने बाबा साहब को भारतीय संविधान का “नभदीप” कहा। उन्होंने बाबा साहब को संविधान का माता और पिता दोनों बताया, जिन्होंने संविधान के गुणों और खामियों को परिमार्जित कर सुचारू संचालन सुनिश्चित किया।

शोधपीठ के निदेशक प्रो. के.के. सिंह ने कहा कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य बाबा साहब के जीवन और उनके योगदान को समझना और उसे सम्मानित करना है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर शोधपीठ की उपनिदेशक प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. नंदिनी सिंह, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. अनीता और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी ने बाबा साहब के विचारों को पुनः स्मरण कर नई पीढ़ी को प्रेरित करने का प्रयास किया।