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2 दिन, 2 नेशनल रिकॉर्ड: भारत का सबसे तेज धावक बने पंजाब के गुरिंदरवीर सिंह

फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकेंड में 100 मीटर दौड़ पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। वह 10.10 सेकेंड की बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय स्प्रिंटर बन गए। अनीमेष कुजूर और गुरिंदरवीर के बीच रिकॉर्ड तोड़ मुकाबले ने भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया।

 
गुरिंदरवीर सिंह
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Gurindervir Singh National Record : भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में रांची का फेडरेशन कप अब हमेशा याद रखा जाएगा। दो दिनों तक चले जबरदस्त स्प्रिंट मुकाबले में पंजाब के धावक गुरिंदरवीर सिंह ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसका इंतजार भारतीय खेल जगत वर्षों से कर रहा था। गुरिंदरवीर ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ सिर्फ 10.09 सेकेंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया और 10.10 सेकेंड की ऐतिहासिक बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।

इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने न सिर्फ भारत के सबसे तेज धावक का तमगा हासिल किया, बल्कि कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए भी क्वालिफाई कर लिया।

रांची में 24 घंटे तक चला रिकॉर्ड तोड़ महायुद्ध

फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा भारतीय स्प्रिंट इतिहास की सबसे रोमांचक रेस बन गई। गुरिंदरवीर सिंह और ओडिशा के धावक अनीमेष कुजूर के बीच रिकॉर्ड तोड़ प्रतिस्पर्धा ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया। दरअसल, यह कहानी फाइनल से एक दिन पहले ही शुरू हो गई थी।

पहले गुरिंदरवीर ने तोड़ा रिकॉर्ड, फिर अनीमेष ने पलट दी बाजी

22 मई को हुए सेमीफाइनल मुकाबलों में गुरिंदरवीर सिंह ने सबसे पहले अनीमेष कुजूर के 10.18 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 10.17 सेकेंड का समय निकाला। कुछ मिनटों के लिए वह भारत के सबसे तेज धावक बन गए। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाई।

अगले ही सेमीफाइनल हीट में अनीमेष कुजूर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10.15 सेकेंड का समय निकाला और रिकॉर्ड वापस अपने नाम कर लिया। इसी के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन मार्क 10.16 सेकेंड भी पार कर लिया।

फाइनल में गुरिंदरवीर ने रच दिया इतिहास

23 मई को हुए फाइनल मुकाबले में गुरिंदरवीर सिंह ने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने 10.09 सेकेंड में रेस पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर दिया।

यह पहली बार था जब किसी भारतीय धावक ने आधिकारिक तौर पर 10.10 सेकेंड से कम समय में 100 मीटर दौड़ पूरी की। फाइनल में अनीमेष कुजूर ने 10.20 सेकेंड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि प्रणव प्रमोद 10.29 सेकेंड के साथ तीसरे नंबर पर रहे।

भारतीय एथलेटिक्स में शुरू हुई नई स्प्रिंट राइवलरी

गुरिंदरवीर सिंह और अनीमेष कुजूर के बीच यह मुकाबला अब भारतीय एथलेटिक्स की सबसे बड़ी स्प्रिंट प्रतिद्वंद्विता के रूप में देखा जा रहा है। गुरिंदरवीर को कोच जेम्स हिलियर ट्रेनिंग दे रहे हैं, जबकि अनीमेष कुजूर को मार्टिन ओवेन्स गाइड कर रहे हैं। दोनों युवा धावकों की स्पीड ने भारतीय स्प्रिंटिंग को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

फेडरेशन कप बना कॉमनवेल्थ गेम्स का बड़ा मंच

रांची में आयोजित फेडरेशन कप 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालिफिकेशन इवेंट भी था। यही वजह रही कि हर धावक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने उतरा। गुरिंदरवीर का 10.09 सेकेंड का टाइम अब भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है।

सालों से इंतजार कर रहा था भारत

भारतीय एथलेटिक्स लंबे समय से उस पल का इंतजार कर रहा था जब कोई भारतीय धावक 10.10 सेकेंड की दीवार तोड़ेगा। रांची में यह सपना सिर्फ पूरा नहीं हुआ, बल्कि लगातार दो दिनों तक रिकॉर्ड टूटने से भारतीय स्प्रिंटिंग का नया युग शुरू हो गया। अब नजरें कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स पर टिकी हैं, जहां गुरिंदरवीर सिंह और अनीमेष कुजूर भारत के लिए इतिहास रच सकते हैं।