नई दिल्ली। भारत की थोक महंगाई दर अक्तूबर में सालाना आधार पर बढ़कर 2.36 प्रतिशत हो गई है, जो सितंबर में 1.84 प्रतिशत थी। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई दर में यह वृद्धि दर्ज की गई है।
रॉयटर्स के सर्वेक्षण में थोक महंगाई दर 2.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई थी, जबकि वास्तविक आंकड़े इससे अधिक आए।इससे पहले, अक्तूबर में खुदरा महंगाई दर भी बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.2% पर पहुंच गई थी, जो केंद्रीय बैंक के मुद्रास्फीति लक्ष्य से अधिक है। सब्जियों, फलों और खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल खुदरा और थोक महंगाई दर में वृद्धि का प्रमुख कारण है।
बढ़ती महंगाई के चलते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति में ढील देने के फैसले में भी देरी की संभावना है, जो अर्थव्यवस्था में मंदी का संकेत हो सकता है।