Varanasi : मकान निर्माण के विवाद को लेकर पट्टीदार के घर में घुसकर मारपीट व छेड़खानी करने के मामले में दंपत्ति समेत चार आरोपितों को कोर्ट से राहत मिल गई। जिला जज संजीव पाण्डेय की अदालत ने पतेरवा, सारनाथ निवासी आरोपित नेमचंद्र मौर्या, उसकी पत्नी सुमित्रा उर्फ सावित्री, पुत्र अखिलेश मौर्या व पुत्री रीना मौर्य को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की दशा में 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव व अजय पाल ने पक्ष रखा।
Varanasi : दुष्कर्म व अपहरण का आरोपी बरी
अभियोजन पक्ष के अनुसार पतेरवा, सारनाथ निवासी फूलचंद्र मौर्या ने सारनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह 6 मार्च 2025 को अपने मकान का छत ढ़लवाने का प्रयास कर रहा था। उसी दौरान उसके पट्टीदार नेमचंद्र मौर्या, उसकी पत्नी सुमित्रा उर्फ सावित्री, पुत्र अखिलेश मौर्या व पुत्री रीना मौर्य, दो दामाद सहित 8-10 अज्ञात लोग उसके घर में घुस आए और गालीगलौज करने लगे।
जब उसने विरोध किया तो सभी लोग उसे मारने-पीटने लगे, जिससे उसके आंख और सिर पर चोट लगी और खून बहने लगा। शोर सुनकर जब उसकी पत्नी ऊषा देवी मौके पर पहुंचकर बीचबचाव करने लगी तो सभी हमलावरों ने उसे भी मारपीट और उसके साथ छेड़खानी करने लगे। शोर सुनकर जब आसपास के लोग जुटने लगे तो सभी हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकले।