वाराणसी I वाराणसी जिले के खोजवां में स्थित श्रीराम मंदिर (Ram Mandir), जो 627 साल का इतिहास समेटे हुए है, इसके पुनर्निर्माण का कार्य बृहस्पतिवार से शुरू होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक मंदिर का शिलान्यास उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। 8,000 स्क्वायर फीट में बनने वाले इस मंदिर के पुनर्निर्माण को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।
जगद्गुरु रामकमलाचार्य वेदांती महाराज ने बताया कि खोजवां का यह क्षेत्र केदारखंड में स्थित है और इसे काशी की अयोध्या के नाम से जाना जाता है। इस Ram Mandir का निर्माण पहली बार 1398 में हुआ था, जब जगद्गुरु रामानंदाचार्य की प्रेरणा से उनके शिष्य अनंतानंदाचार्य ने कश्मीर से आकर इसे बनवाया था। उनके साथ कश्मीर से 17 शिष्य भी आए थे। इस मंदिर में स्वामी नरेंद्रदास रहे और गोस्वामी तुलसीदास ने भी यहां पांच साल तक रहकर अध्ययन किया। तुलसीदास के हाथ से लिखी पांडुलिपियां आज भी यहां सुरक्षित हैं।

औरंगजेब ने 1669 में कराया था ध्वस्त
वेदांती महाराज के अनुसार, 1669 में मुगल शासक औरंगजेब ने काशी के मंदिरों को तोड़ने के दौरान इस श्रीराम मंदिर (Ram Mandir) को भी ध्वस्त करा दिया था। मंदिर के प्रस्तर की मूर्तियां तो टूट गईं, लेकिन लक्ष्मी नारायण की मूर्तियां सुरक्षित बच गईं, जो आज भी मौजूद हैं। भक्तों के भारी विरोध के कारण उस समय यहां मस्जिद का निर्माण नहीं हो सका था। इसके बाद 1700 में संत सियाराम दास ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया, जो वर्तमान में 300 साल पुराना है।
अब भव्य रूप लेगा मंदिर
अब इस मंदिर को भव्य स्वरूप देने के लिए पुनर्निर्माण की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिलान्यास के साथ ही आज से इस कार्य की शुरुआत होगी। यह Ram Mandir न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों और भक्तों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।