नई दिल्ली। एमएसपी समेत कई मांगों को लेकर दिल्ली की ओर बढ़ रहे 101 किसानों और पुलिस के बीच शंभू बॉर्डर पर टकराव हो गया। किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस घटना में कई किसान घायल हो गए।
सरकार पर बजरंग पूनिया का हमला
कांग्रेस किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पहलवान बजरंग पूनिया ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ कहती है कि किसानों को रोका नहीं जा रहा, लेकिन दूसरी तरफ उन्हें आंसू गैस और बल प्रयोग का सामना करना पड़ रहा है।
बजरंग पूनिया ने आरोप लगाया कि शंभू बॉर्डर पर सरकार का रवैया वैसा है जैसा पाकिस्तान बॉर्डर पर होता है। उन्होंने कहा, “जब नेता दिल्ली में विरोध करने जाते हैं, तो क्या वे अनुमति लेते हैं? किसान तो सिर्फ अपनी फसलों के लिए एमएसपी की मांग कर रहे हैं। हम हमेशा किसानों के साथ खड़े रहेंगे।”
रामचंद्र जांगड़ा के बयान पर पुनिया का पलटवार
हरियाणा से बीजेपी के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने बयान दिया था कि किसानों के धरना स्थल से 700 लड़कियां गायब हो गई हैं। इस पर बजरंग पूनिया ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “बेतुका और निराधार आरोप” बताया। पुनिया ने कहा, “पंजाब पर नशा फैलाने का आरोप लगाने वाले यह क्यों नहीं देखते कि गुजरात के बंदरगाहों पर करोड़ों का नशा पकड़ा जा रहा है। वहां सरकार की जुबान क्यों नहीं खुलती?”
पंजाब-हरियाणा के भाईचारे पर संकट का आरोप
बजरंग पूनिया ने कहा कि सरकार इस तरह के भड़काऊ बयानों से पंजाब और हरियाणा के भाईचारे को खराब करना चाहती है। उन्होंने याद दिलाया कि हाई कोर्ट ने रास्तों को खोलने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार इसे अनसुना कर रही है।
उन्होंने कहा, “हम शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं और ऐसा ही करते रहेंगे। सरकार आज किसानों और जवानों को आपस में भिड़ा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि सरकार एमएसपी की गारंटी दे दे, तो यह विवाद खत्म हो जाएगा। किसान अपने खेतों में लौट जाएंगे। लेकिन सरकार केवल वादे करती है, अमल नहीं करती।”