बाबा रामदेव की पतंजलि की बीमा सेक्टर में एंट्री, IRDAI ने 4500 करोड़ रुपये की डील को दी मंजूरी
New Delhi : योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद अब बीमा कारोबार में भी कदम रखने जा रही है। बीमा नियामक IRDAI (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने पतंजलि आयुर्वेद और डीएस ग्रुप (धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप) को मैग्मा जनरल इंश्योरेंस के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। करीब 4,500 करोड़ रुपये की इस डील की घोषणा मार्च 2026 में की गई थी।
IRDAI ने 28 जुलाई 2026 को जारी अपने पत्र के माध्यम से इस अधिग्रहण को मंजूरी दी है। यह मंजूरी जारी होने की तारीख से तीन महीने तक वैध रहेगी।
पतंजलि बनेगी मुख्य प्रमोटर
इस अधिग्रहण के तहत पतंजलि आयुर्वेद 73.56% हिस्सेदारी खरीदेगी और कंपनी की मुख्य प्रमोटर बनेगी। वहीं, डीएस ग्रुप 24.50% हिस्सेदारी लेकर सह-निवेशक के रूप में शामिल होगा।
यह हिस्सेदारी अदार पूनावाला की स्वामित्व वाली सानोती प्रॉपर्टीज और अन्य शेयरधारकों जैसे सेलिका डेवलपर्स तथा जैगुआर एडवाइजरी से खरीदी जाएगी।
वित्तीय सेवा क्षेत्र में पतंजलि की बड़ी शुरुआत
इस सौदे के साथ पतंजलि ने औपचारिक रूप से वित्तीय सेवा (Financial Services) क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। कंपनी का लक्ष्य अपने विशाल वितरण नेटवर्क के जरिए बीमा सेवाओं को ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
पतंजलि के पास देशभर में:
- 2 लाख से अधिक रिटेल काउंटर्स
- 250 से ज्यादा पतंजलि मेगा स्टोर्स
- मजबूत राष्ट्रीय रिटेल नेटवर्क मौजूद है।
मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 में मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का ग्रॉस रिटेन प्रीमियम 3,615 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कंपनी ने हाल के वर्षों में अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया है।
- FY 2024: 141 करोड़ रुपये का घाटा
- FY 2025: ब्रेक-ईवन के साथ 1 करोड़ रुपये का लाभ
- FY 2026 के पहले 9 महीने: 27 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
दिसंबर 2025 तक कंपनी का सॉल्वेंसी रेश्यो 1.81x रहा, जो नियामक मानक 1.50x से बेहतर है।
क्या कारोबार करती है पतंजलि?
पतंजलि आयुर्वेद देश की प्रमुख एफएमसीजी (FMCG) और आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों में शामिल है। कंपनी गाय का घी, आटा, खाद्य तेल, मसाले, बिस्कुट, न्यूट्रिला, पर्सनल केयर उत्पादों के साथ-साथ दिव्य फार्मेसी के तहत आयुर्वेदिक दवाओं और जड़ी-बूटियों का भी निर्माण और विपणन करती है।
बीमा क्षेत्र में प्रवेश के साथ पतंजलि अब उपभोक्ता उत्पादों के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रही है।