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Vi में बिड़ला का बड़ा दांव! 6 महीने में 76% उछला शेयर, क्या अब आएगा टर्नअराउंड?

 

Mumbai : दिग्गज कारोबारी कुमार मंगलम बिड़ला के वोडाफोन आइडिया (Vi) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के बाद कंपनी के शेयर सुर्खियों में हैं। पिछले छह महीनों में Vi के शेयरों में लगभग 76% का उछाल आया है। इस तेजी के पीछे कई वजहें हैं—AGR बकाए पर सरकारी राहत, तीन साल का टर्नअराउंड प्लान शुरू होना, ऑपरेटिंग लॉस में कमी और ARPU में सुधार।

प्रमोटर कुमार मंगलम बिड़ला के बढ़ते भरोसे से निवेशकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। स्टॉक अभी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज (50-दिन और 200-दिन SMA) के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो कीमत में मजबूत सुधार का संकेत देता है। हालांकि, वोलैटिलिटी बनी हुई है—स्टॉक का एक साल का बीटा 1.5 है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव से ज्यादा प्रभावित होने का संकेत देता है।

केएम बिड़ला ने बढ़ाई हिस्सेदारी

30 जनवरी से 1 फरवरी के बीच कुमार मंगलम बिड़ला ने कुल 4.09 करोड़ शेयर खरीदे:  

- 30 जनवरी: 2.21 करोड़ शेयर (औसत कीमत ₹10.95)  

- 1 फरवरी: 1.88 करोड़ शेयर (औसत कीमत ₹11.13)  

इस खरीद से प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ी और बाजार को कंपनी पर उनके भरोसे का मजबूत संकेत मिला।

AGR बकाए पर राहत पैकेज  

वोडाफोन आइडिया का कुल AGR बकाया 87,695 करोड़ रुपये है। सरकार ने इसे फिलहाल 'होल्ड' कर दिया है। पहले कंपनी को भारी किश्तें चुकानी पड़ती थीं, लेकिन केंद्रीय कैबिनेट ने 31 दिसंबर को राहत पैकेज मंजूर किया:

- मार्च 2026 से मार्च 2031 तक सालाना केवल 124 करोड़ रुपये का भुगतान।  

- बड़ी किश्तें 2032 से 2041 तक 10 साल की विंडो में।  

इस राहत से कंपनी को कैश फ्लो में बड़ी राहत मिली है और टर्नअराउंड का मौका बढ़ा है।

Q3 FY26 के नतीजे 

 - नेट लॉस : 5,286 करोड़ रुपये (पिछले साल 6,609 करोड़ था—घाटा कम हुआ) 

- ऑपरेशनल रेवेन्यू : 11,323 करोड़ रुपये (पिछले साल 11,117 करोड़—मामूली बढ़ोतरी)  

- ARPU : 186 रुपये (पिछले साल 173 रुपये—उच्च-वैल्यू ग्राहकों के जुड़ने और प्लान अपग्रेड से)  

घाटे में कमी और ARPU में सुधार कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव

- MK Research ने स्टॉक को पहले के 'सेल' से अपग्रेड कर 'Add' कर दिया है।  

- टारगेट प्राइस: 12 रुपये  

- मुख्य वजह: AGR देनदारियों पर सरकारी रोक से कैश फ्लो में राहत और टर्नअराउंड का मौका।  

एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टॉक में सुधार जारी है, लेकिन वोलैटिलिटी ज्यादा है। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह आकर्षक हो सकता है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में जोखिम बना हुआ है।