UPI पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब PIN नहीं, बायोमेट्रिक से होगा भुगतान
नई दिल्ली: नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ देश के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Unified Payments Interface (UPI) में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब तक UPI के जरिए पैसे भेजने के लिए यूजर्स को PIN डालना जरूरी होता था, लेकिन अब इसकी जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का विकल्प दिया गया है। यानी अब यूजर्स फिंगरप्रिंट, फेस या आईरिस स्कैन के जरिए पेमेंट कर सकेंगे।
यह बदलाव Paytm, PhonePe, Google Pay समेत सभी UPI आधारित ऐप्स पर लागू होगा।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और हर दिन करीब 80 करोड़ से अधिक UPI ट्रांजेक्शन किए जाते हैं। सरकार का लक्ष्य इसे जल्द ही 100 करोड़ ट्रांजेक्शन प्रतिदिन तक पहुंचाने का है। ऐसे में सुरक्षा को और मजबूत बनाना जरूरी माना जा रहा था।
PIN आधारित सिस्टम में कई बार फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। फोन खो जाने या PIN लीक होने की स्थिति में धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है। इसके मुकाबले बायोमेट्रिक सिस्टम—जैसे फिंगरप्रिंट, फेस और आईरिस—को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
कैसे करेगा काम?
नए फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपने UPI ऐप में जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ऑन करना होगा।
* सबसे पहले QR कोड स्कैन करें।
* पेमेंट अमाउंट डालें।
* इसके बाद स्क्रीन पर फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन का विकल्प दिखाई देगा।
* जैसे ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा होगा, पेमेंट तुरंत हो जाएगा।
सुपरफास्ट और सुरक्षित अनुभव
बड़ी टेक कंपनियां जैसे Google और Microsoft पहले से ही अपने अकाउंट्स में बायोमेट्रिक सुरक्षा का इस्तेमाल कर रही हैं। अब UPI में इसके आने से यूजर्स को भीड़भाड़ वाली जगहों पर PIN डालने की चिंता नहीं रहेगी और प्राइवेसी भी बेहतर रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव डिजिटल इंडिया के सफर में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। शुरुआत में यूजर्स को यह तरीका नया लग सकता है, लेकिन सुरक्षा और स्पीड के लिहाज से यह PIN सिस्टम से ज्यादा बेहतर माना जा रहा है।