{"vars":{"id": "130921:5012"}}

फरवरी 2026 से UPI ट्रांजेक्शन में बड़ा बदलाव, जानें क्या-क्या बदलेगा?
 

 

भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न अंग बन चुका है। सब्जी-भाजी से लेकर बिल भुगतान, ऑनलाइन शॉपिंग और दोस्तों को पैसे भेजने तक हर जगह UPI का इस्तेमाल हो रहा है। इसी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और सरकार ने फरवरी 2026 से UPI के कुछ नए नियम लागू करने का ऐलान किया है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य लेन-देन को और तेज करना, धोखाधड़ी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करना तथा यूजर्स को अपने भुगतानों पर अधिक नियंत्रण देना है।

ट्रांजेक्शन अब 10 सेकंड में पूरा होगा

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, UPI ट्रांजेक्शन और API रिस्पॉन्स को 10 सेकंड के अंदर पूरा करना अनिवार्य होगा। पहले यह समय सीमा 30 सेकंड थी, जिसके कारण कई बार पेमेंट पेंडिंग या प्रोसेसिंग में फंस जाते थे। अब यह बदलाव आने से:
- पेमेंट तेजी से पूरा होगा
- भीड़-भाड़ वाले समय (जैसे फेस्टिवल सेल या महीने के अंत में) सिस्टम बेहतर तरीके से काम करेगा
- ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को सुविधा मिलेगी

API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) दो सिस्टम्स के बीच कम्युनिकेशन का माध्यम है। UPI पेमेंट के दौरान आपका ऐप बैंक से बैलेंस चेक करता है और प्राप्तकर्ता बैंक को पेमेंट स्वीकार करने का निर्देश देता है। API तेज होने से पूरा प्रोसेस स्मूथ और तेज हो जाएगा।

सुरक्षा पर विशेष फोकस, यूजर्स को अधिक कंट्रोल

नए नियमों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, खासकर बड़े अमाउंट के ट्रांजेक्शन के लिए। प्रमुख बदलाव:
- भुगतान से पहले स्पष्ट कन्फर्मेशन मैसेज
- ऑटो-पेमेंट और सब्सक्रिप्शन के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
- यूजर्स आसानी से अपनी सब्सक्रिप्शन देख, मैनेज और कैंसल कर सकेंगे
इससे अनचाही कटौती और फ्रॉड की संभावना काफी कम हो जाएगी।

डॉरमेंट UPI ID पर अस्थायी रोक

यदि आपकी कोई UPI ID लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुई है, तो उसे डॉरमेंट घोषित कर अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है। इसे दोबारा एक्टिवेट करने के लिए री-वेरिफिकेशन जरूरी होगा। यह कदम पुराने और भूले हुए अकाउंट्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।

फेल ट्रांजेक्शन पर त्वरित समाधान

अगर कोई UPI पेमेंट फेल हो जाता है या अटक जाता है, तो बैंक और ऐप्स को निर्धारित समय के भीतर समस्या सुलझानी होगी। यूजर को स्पष्ट जानकारी दी जाएगी कि पैसा कटा या नहीं, कहां अटका है और कब रिफंड मिलेगा। इससे यूजर्स की परेशानी और भ्रम दोनों कम होंगे।

UPI का रिकॉर्ड प्रदर्शन जारी

सरकार ने संसद में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक UPI से 230 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जो पिछले वर्ष (2022-23 के 139 लाख करोड़) से कहीं अधिक है। इससे UPI पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ता दिख रहा है।

UPI अब भारत से बाहर भी फैल रहा है और वर्तमान में 8 देशों (भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात) में उपलब्ध है। NPCI और सरकार मिलकर विदेशों में P2P और P2M पेमेंट्स को और आसान बना रहे हैं। IMF की जून 2025 रिपोर्ट के अनुसार, UPI दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम रिटेल पेमेंट सिस्टम है, जबकि ACI Worldwide की 2024 रिपोर्ट में दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में UPI का करीब 49 प्रतिशत हिस्सा बताया गया है।

ये नए नियम Google Pay, PhonePe, Paytm समेत सभी UPI ऐप्स पर लागू होंगे। यूजर्स को सलाह है कि अपडेट रहें और जरूरत पड़ने पर अपने ऐप या बैंक से संपर्क करें। डिजिटल पेमेंट्स का यह सफर और सुरक्षित व तेज होने जा रहा है!