Binance पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर अटैक? खतरे में 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टो प्रॉपर्टी
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर साइबर हमले से करीब 6.3 अरब डॉलर के एसेट्स प्रभावित होने की आशंका है। कंपनी ने 3 अरब डॉलर के एसेट्स फ्रीज किए हैं। जानें हमले की वजह, ग्राहकों के फंड की सुरक्षा और क्रिप्टो बाजार पर इसका असर।
दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance में बड़े साइबर सुरक्षा उल्लंघन का मामला सामने आया है। कंपनी के शुरुआती आकलन के मुताबिक, इस घटना से करीब 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टो संपत्ति प्रभावित हो सकती है। मामले की जांच के बीच Binance ने अपने प्लेटफॉर्म पर जमा और निकासी की सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी है। कंपनी का कहना है कि अब तक करीब 3 अरब डॉलर की प्रभावित संपत्ति फ्रीज कराई जा चुकी है और इस घटना से होने वाले नुकसान की भरपाई वह खुद करेगी।
इस साइबर घटना की वजह एक डेवलपर का लैपटॉप होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जांच अभी शुरुआती चरण में है। आइए जानते हैं Binance से जुड़े इस साइबर सुरक्षा मामले की पांच बड़ी बातें।
1. Binance में क्या हुआ?
Binance के मुताबिक, हैकर्स ने उसके सर्वर तक पहुंच बनाकर अनधिकृत ट्रांजैक्शन करने की कोशिश की। कंपनी ने शुरुआती जांच के आधार पर प्रभावित संपत्ति का अनुमान करीब 6.3 अरब डॉलर बताया है।
Binance ने कहा कि उसने ब्लॉकचेन से जुड़ी दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर अब तक लगभग 3 अरब डॉलर की संपत्ति ऑन-चेन फ्रीज कराई है। घटना की खबर सामने आने के बाद Binance के पूर्व CEO चांगपेंग झाओ, जिन्हें CZ के नाम से जाना जाता है, ने भी इसे हैकिंग की घटना होने की आशंका जताई थी। उन्होंने यूजर्स को भरोसा दिलाया था कि उनके फंड सुरक्षित हैं।
2. कितने यूजर्स पर पड़ा असर?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस सुरक्षा उल्लंघन से Binance के कितने यूजर्स प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने प्रभावित ग्राहकों की संख्या का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
Binance के दुनियाभर में 100 से अधिक देशों में 30 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स बताए जाते हैं। कंपनी की अमेरिकी इकाई Binance US के इस घटना से प्रभावित नहीं होने की जानकारी दी गई है। भारत में Binance के यूजर्स की आधिकारिक संख्या भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
3. साइबर हमले की वजह क्या थी?
Binance की शुरुआती जांच में इस घटना का संबंध कंपनी के एक DevOps इंजीनियर के लैपटॉप से होने की आशंका जताई गई है। कंपनी के अनुसार, लैपटॉप से छेड़छाड़ के बाद हमलावरों को एक सर्विस कंटेनर तक पहुंच मिल सकती थी। इसके जरिए अनधिकृत निकासी ट्रांजैक्शन किए जाने की आशंका है।
हालांकि, Binance ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी यूजर के क्रिप्टो वॉलेट की निजी चाबी यानी प्राइवेट की लीक होने का सबूत नहीं मिला है। कंपनी ने यह भी कहा है कि जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़ी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट जारी की जाएगी।
4. नुकसान की भरपाई करेगी Binance
साइबर घटना की जानकारी सामने आने के बाद Binance ने अपने प्लेटफॉर्म पर जमा और निकासी की सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी। कंपनी ने प्रभावित एड्रेस का ऑथराइजेशन रद्द करने और फंड का पता लगाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों तथा ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस कंपनियों के साथ काम शुरू किया है।
Binance ने कहा है कि इस घटना से यूजर्स को होने वाले नुकसान की भरपाई Secure Asset Fund for Users (SAFU) और कंपनी के फंड से की जाएगी। SAFU की स्थापना साल 2018 में ग्राहकों को असाधारण परिस्थितियों में सुरक्षा देने के लिए की गई थी। कंपनी ने सुधार प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपडेटेड Proof of Reserves जारी करने की भी बात कही है।
5. दूसरी क्रिप्टो कंपनियों ने भी फ्रीज की संपत्ति
Binance की घटना के बाद दूसरी क्रिप्टो कंपनियों ने भी संदिग्ध संपत्तियों को फ्रीज करने की जानकारी दी है। क्रिप्टोकरेंसी Tether के CEO पाओलो अर्दोइनो के मुताबिक, कंपनी ने संभावित Binance हैक से जुड़ी करीब 1.55 अरब से 1.6 अरब डॉलर की क्रिप्टो संपत्ति फ्रीज की है।
वहीं, Circle के CEO जेरेमी अलायर ने बताया कि कंपनी ने 80 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्ति फ्रीज की है। इस घटना के बाद क्रिप्टो बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत में करीब 3.2 से 5 फीसदी तक गिरावट आई और एक समय यह 77,000 डॉलर से नीचे चला गया। इथेरियम और सोलाना की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई।
इस बीच, Polymarket ने भी अपने एक थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर के साथ सुरक्षा संबंधी घटना के बाद अस्थायी रूप से ट्रेडिंग रोक दी। कंपनी ने प्रभावित यूजर्स को नुकसान की भरपाई करने की बात कही।
क्या है अब तक की स्थिति?
Binance का कहना है कि जांच जारी है और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल कंपनी प्रभावित संपत्तियों को फ्रीज कराने, सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और फंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर काम कर रही है।