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ITR फाइल करने के बाद TCS क्लेम करना भूल गए? ऐसे मिलेगा टैक्स क्रेडिट, जानें पूरा प्रोसेस

 

Mumbai : अगर आपने ITR फाइल कर दिया है और बाद में पता चला कि TCS (Tax Collected at Source) का क्रेडिट क्लेम करना भूल गए हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। यदि आपके नाम पर TCS जमा है और इसकी जानकारी Form 26AS में दिखाई दे रही है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसका टैक्स क्रेडिट लिया जा सकता है।

हालांकि, TCS क्रेडिट जोड़ने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि आपका ITR अभी प्रोसेस हुआ है या नहीं।

TCS क्लेम नहीं करने पर पैसा फंस जाता है?

सिर्फ ITR में TCS क्रेडिट का दावा छूट जाने से पैसा खत्म नहीं होता। सबसे पहले Form 26AS और AIS में TCS की जानकारी चेक करनी चाहिए। अगर वहां TCS क्रेडिट उपलब्ध है, तो उसे सही प्रक्रिया के जरिए ITR में शामिल किया जा सकता है।

सबसे पहले चेक करें ये जानकारी

TCS क्लेम करने से पहले टैक्सपेयर को Form 26AS, AIS (Annual Information Statement) और TIS (Taxpayer Information Summary) में दर्ज जानकारी का मिलान करना चाहिए।

इसके लिए:

- Income Tax e-Filing पोर्टल पर लॉगिन करें।

- संबंधित Assessment Year चुनें।

- Form 26AS में TCS की एंट्री चेक करें।

- AIS और TIS में भी जानकारी मिलाएं।

- ITR में दर्ज TDS/TCS क्रेडिट की जांच करें।

- किसी भी Tax Credit Mismatch को नजरअंदाज न करें।

ITR प्रोसेस नहीं हुआ है तो Revised Return का विकल्प

अगर ITR फाइल करने के बाद अभी Section 143(1) की इंटिमेशन नहीं मिली है, तो छूटा हुआ TCS क्रेडिट Revised Return के जरिए जोड़ा जा सकता है। रिवाइज्ड रिटर्न में सही TCS क्रेडिट दर्ज करने के बाद उसे e-Verify करना जरूरी है।

Revised ITR में TCS जोड़ते समय इन बातों का रखें ध्यान

रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि TCS वास्तव में आपके नाम पर जमा है और Form 26AS में दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा:

- TCS की सही राशि ही दर्ज करें।

- संबंधित ट्रांजेक्शन की जानकारी सही भरें।

- Form 26AS में उपलब्ध राशि से ज्यादा TCS क्लेम न करें।

- Revised Return दाखिल करने के बाद e-Verification जरूर करें।

- AIS, TIS और Form 26AS का ITR से मिलान करें।

ITR दाखिल करने के बाद भी करें ये काम

ITR फाइल करने के बाद सिर्फ रिटर्न जमा करके न छोड़ें। Form 26AS, AIS और TIS में टैक्स क्रेडिट की जानकारी नियमित रूप से जांचें। अगर TCS या TDS में कोई mismatch दिखाई देता है, तो समय रहते उसे ठीक करने की प्रक्रिया अपनाएं।