{"vars":{"id": "130921:5012"}}

सोना-चांदी के दाम में भारी गिरावट, रिकॉर्ड स्तर से लुढ़के भाव; जानिए आज का रेट

 

भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और निवेशकों की बिकवाली के चलते दोनों कीमती धातुएं अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गई हैं।

बाजार में आई इस गिरावट के बाद ग्राहकों और निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा अवसर माना जा रहा है। सोने की कीमत में करीब 1,450 से 1,900 रुपये तक की कमी दर्ज की गई, जबकि चांदी के भाव में भी उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली।

कैरेट के हिसाब से सोने का ताजा भाव

आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,010 रुपये से 1,44,330 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई है।

वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,997 रुपये से 1,32,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है।

इसके अलावा 18 कैरेट सोने की कीमत 1,07,260 रुपये से 1,08,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज की गई।

चांदी भी हुई सस्ती

चांदी की कीमतों में भी लगातार गिरावट का दौर जारी है। आज प्रति 10 ग्राम चांदी का भाव 2,450 रुपये से 2,550 रुपये के बीच रहा। वहीं, 100 ग्राम चांदी की कीमत 24,500 रुपये से 25,500 रुपये के बीच दर्ज की गई।

अगर प्रति किलोग्राम की बात करें तो चांदी का भाव 2.45 लाख रुपये से 2.55 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास बना हुआ है।

क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने के संकेतों का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए अस्थायी समझौते के बाद वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना है। होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने से निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की मांग घटी है।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते निवेशक सोने-चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड्स और अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

मजबूत डॉलर भी बना वजह

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में आई मजबूती भी है। डॉलर इंडेक्स मई 2025 के बाद अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया है।

चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे मांग में कमी आती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

आगे क्या रहेगा रुख?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेड की नीतियों, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर सोने-चांदी की कीमतें निर्भर करेंगी। फिलहाल कीमतों में आई गिरावट ने उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है।सोना-चांदी के दाम में भारी गिरावट, रिकॉर्ड स्तर से लुढ़के भाव; जानिए आज का रेट