सोना अब सिर्फ गहना नहीं, बन रहा कमाई का सहारा! बैंक क्यों बढ़ा रहे Gold Loan का कारोबार?
Gold Loan India: भारत में सोने के बदले कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है और अब बैंक भी इस कारोबार में पहले के मुकाबले ज्यादा अग्रेसिव नजर आ रहे हैं। रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंची सोने की कीमतें, जल्दी कर्ज मिलने की सुविधा और बैंकों का सुरक्षित कर्ज पर बढ़ता जोर Gold Loan को तेजी से लोकप्रिय बना रहा है।
लंबे समय तक गोल्ड लोन का कारोबार मुख्य रूप से मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस जैसे विशेषज्ञ कर्जदाताओं के पास रहा। अब बैंक भी इस बाजार में तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि सोने के बदले कर्ज की मांग में उल्लेखनीय तेजी आई है।
NBFC के Gold Loan में 69 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की ओर से दिए गए गोल्ड लोन की बकाया राशि सालाना आधार पर 69.3 प्रतिशत बढ़कर 3.41 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसके मुकाबले इसी अवधि में NBFCs का कुल क्रेडिट सिर्फ 14.4 प्रतिशत बढ़ा।
बैंकों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिल रहा है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की ओर से सोने के आभूषणों के बदले दिए गए कर्ज में पिछले एक साल के दौरान करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। व्यक्तिगत कर्ज की श्रेणी में यह सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट में शामिल हो गया है।
आखिर Gold Loan की मांग क्यों बढ़ रही है?
Gold Loan की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कर्ज के लिए सोना गारंटी के तौर पर रखा जाता है। सामान्य पर्सनल लोन में जहां ग्राहक की आय, क्रेडिट हिस्ट्री और अन्य वित्तीय जानकारी अहम होती है, वहीं गोल्ड लोन में गिरवी रखे गए सोने के कारण बैंक का जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है।
इसी वजह से गोल्ड लोन की मंजूरी भी अपेक्षाकृत तेजी से हो सकती है। बढ़ती सोने की कीमतों ने इसे और आकर्षक बना दिया है। उदाहरण के लिए, अगर किसी परिवार के पास 5 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने हैं, तो सोने की कीमत बढ़ने के साथ उसी गहने के बदले पहले की तुलना में अधिक कर्ज मिल सकता है।
खास बात यह है कि ग्राहक को अपना सोना बेचना नहीं पड़ता। यही वजह है कि मेडिकल खर्च, बच्चों की पढ़ाई, छोटे कारोबार की जरूरत या अचानक पैदा हुए नकदी संकट को पूरा करने के लिए कई परिवार Gold Loan का विकल्प चुन रहे हैं।
RBI ने भी जताई चिंता
Gold Loan की तेज बढ़ती मांग पर RBI की भी नजर है। केंद्रीय बैंक ने अपनी हालिया Financial Stability Report में कहा कि गोल्ड-बैक्ड लोन गैर-हाउसिंग रिटेल क्रेडिट का सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा बन गया है। मार्च 2024 के बाद से इस सेगमेंट में 42.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई है।
हालांकि, RBI ने इसके साथ जोखिम को लेकर भी सावधान किया है। केंद्रीय बैंक ने कर्जदाताओं को अपनी अंडरराइटिंग व्यवस्था मजबूत करने की सलाह दी है, क्योंकि सोने की कीमत में तेज गिरावट आने पर गिरवी रखी गई संपत्ति की कीमत घट सकती है और इससे कर्जदाता का जोखिम बढ़ सकता है।
बैंक अब NBFC की रफ्तार से देना चाहते हैं Gold Loan
गोल्ड लोन के क्षेत्र में विशेषज्ञ NBFC लंबे समय से अपनी तेज सेवा के लिए जाने जाते हैं। ग्राहक सोना लेकर शाखा पहुंचता है और कई मामलों में कम समय में कर्ज की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। अब बैंक भी इसी सुविधा को टक्कर देने की तैयारी में हैं।
इसके लिए बैंक अलग Gold Loan काउंटर बढ़ाने, सोने की जांच के लिए उपकरण लगाने और लोन मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दे रहे हैं। इससे बैंक इस बाजार में विशेषज्ञ गोल्ड फाइनेंस कंपनियों के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में आ रहे हैं।
क्या बढ़ता Gold Loan आर्थिक दबाव का संकेत है?
Gold Loan में तेजी के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं है। महंगे सोने ने परिवारों को अपनी मौजूदा ज्वेलरी के बदले अधिक रकम जुटाने का मौका दिया है। दूसरी ओर, असुरक्षित पर्सनल लोन पर सख्त नियामकीय निगरानी के बाद बैंकों के लिए भी सोने के बदले कर्ज देना अपेक्षाकृत आकर्षक विकल्प बन गया है।
ऐसे में भारतीय घरों में रखे सोने के गहने अब सिर्फ पारिवारिक संपत्ति या जरूरत के समय बेचने वाली चीज नहीं रह गए हैं। बढ़ते Gold Loan कारोबार के बीच यही गहने कई परिवारों के लिए आर्थिक जरूरत के समय एक वित्तीय सुरक्षा कवच का काम कर रहे हैं।