Gold Silver Price Update: एक हफ्ते में ₹13,000 टूटी चांदी, सोना भी ₹3,000 तक सस्ता, खरीदारी का सही मौका?
Gold Silver Price Update: सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह सप्ताह राहतभरा साबित हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और निवेशकों की बदलती रणनीति के बीच घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीते सात दिनों में 24 कैरेट सोना करीब 2,976 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है, जबकि चांदी की कीमत में 13,468 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है।
24, 22 और 18 कैरेट सोना कितना हुआ सस्ता?
आईबीजेए के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत एक सप्ताह पहले 1,46,344 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब घटकर 1,43,368 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई है।
वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 1,34,051 रुपये से घटकर 1,31,325 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत भी इस दौरान 1,09,758 रुपये से फिसलकर 1,07,526 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जो शादी-विवाह या निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं।
इस सप्ताह सोने का सबसे ऊंचा और सबसे निचला भाव
बीते सप्ताह सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सप्ताह का सबसे ऊंचा भाव 6 जुलाई को सुबह के कारोबार में 1,45,583 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं 8 जुलाई की शाम को सोना गिरकर 1,42,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
चांदी में आई सबसे बड़ी गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी में इस सप्ताह कहीं अधिक कमजोरी देखने को मिली। आईबीजेए के मुताबिक, चांदी का भाव 2,33,858 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2,20,390 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। यानी केवल सात दिनों में 13,468 रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान 6 जुलाई को चांदी का उच्चतम भाव 2,33,158 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि 10 जुलाई की शाम को यह गिरकर 2,20,390 रुपये प्रति किलो के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम, निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजार में बढ़ते उतार-चढ़ाव का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दिया।
क्या रही गिरावट की बड़ी वजह?
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता पैदा की। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़े सैन्य तनाव, व्यापारिक जहाजों पर हमलों और दोनों देशों के बीच जवाबी कार्रवाई ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया। इसी अस्थिर माहौल का असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला।
क्या अभी खरीदारी का सही समय है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट उपभोक्ताओं के लिए अवसर साबित हो सकती है। हालांकि आगे की दिशा काफी हद तक वैश्विक आर्थिक हालात, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय तनाव पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए ही फैसला लेने की सलाह दी जा रही है।