होम लोन EMI मिस करना पड़ सकता है भारी, बैंक से लेकर क्रेडिट स्कोर तक पड़ेगा असर
New Delhi : अपना घर खरीदने के लिए लोग अक्सर बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों से होम लोन लेते हैं। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी या अकाउंट में कम बैलेंस होने की वजह से EMI समय पर नहीं भर पाते। ऐसे में EMI बाउंस होने पर क्या असर पड़ता है, यह जानना बेहद जरूरी है।
क्या बैंक लगाता है जुर्माना?
अगर आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और EMI ऑटो-डेबिट फेल हो जाता है, तो बैंक जुर्माना जरूर लगाता है। आमतौर पर:
- 250 से 500 रुपये तक EMI बाउंस चार्ज
- 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त पेनल्टी
- बकाया रकम पर 1-2% प्रति माह दंडात्मक ब्याज (Penal Interest)
पहली बार EMI बाउंस हो जाए तो क्या करें?
अगर पहली बार EMI बाउंस हुई है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें।
- ब्रांच जाकर मैनेजर से बात करें
- स्थिति समझाएं और भविष्य में समय पर भुगतान का आश्वासन दें
- कई मामलों में बैंक पेनल्टी में राहत दे सकता है
बार-बार EMI बाउंस होने का असर
अगर लगातार EMI बाउंस होती है, तो मामला गंभीर हो जाता है:
- 2 बार बाउंस होने पर चेतावनी और पेनल्टी बढ़ सकती है
- 3 महीने तक EMI न भरने पर मामला क्रेडिट रिकॉर्ड में खराब दिखता है
सिबिल स्कोर पर असर
EMI बाउंस होने की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो जैसे TransUnion CIBIL को भेजी जाती है।
- सिबिल स्कोर गिर जाता है
- भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में दिक्कत
- ब्याज दर भी ज्यादा लग सकती है
लंबे समय तक EMI न भर पाएं तो क्या करें?
अगर आर्थिक परेशानी ज्यादा है, तो कुछ विकल्प मौजूद हैं:
- बैंक से Grace Period मांग सकते हैं
- EMI होल्ड या Restructure कराने की बात कर सकते हैं
- सैलरी लेट आने पर Advance EMI की जगह Arrear EMI का विकल्प चुन सकते हैं
EMI बाउंस सिर्फ एक छोटी गलती नहीं, बल्कि आपकी पूरी वित्तीय साख को प्रभावित कर सकती है। इसलिए हमेशा अपने खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें और अगर दिक्कत हो तो समय रहते बैंक से संपर्क करना ही सबसे बेहतर उपाय है।