Hormuz Strait Crisis: भारत ने कर ली पूरी तैयारी, 60 दिन का तेल भंडार देगा राहत
Mumbai : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत इस बार पहले की तुलना में कहीं बेहतर स्थिति में है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए तैयार है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अगस्त तक कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। यदि होर्मुज में व्यवधान आता भी है, तो शुरुआती महीनों में घरेलू आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है, हालांकि एलएनजी सप्लाई में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने ऊर्जा आयात स्रोतों का विस्तार करते हुए 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक पहुंचा दिया है। वर्तमान में रूस सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है, जबकि अमेरिका और पश्चिम अफ्रीकी देशों से भी आयात किया जा रहा है। होर्मुज मार्ग पर निर्भरता भी 45% से घटाकर करीब 30% कर दी गई है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, भारत के पास 60 दिनों का कच्चे तेल और LNG का रणनीतिक भंडार तथा 45 दिनों का LPG स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही देश की रिफाइनरियों को इस स्तर तक अपग्रेड किया गया है कि वे दुनिया के किसी भी ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत को बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर तेजी से काम जारी रखना होगा।