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लंबी कतारें, खाली टैंक! आंध्र प्रदेश में पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप! 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद

 

Amravati : आंध्र प्रदेश में अचानक बढ़ी ईंधन खरीदारी के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। स्थिति को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राज्य में बढ़ती मांग के कारण 400 से अधिक फ्यूल आउटलेट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।

जिला अधिकारियों को तुरंत एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश

राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल एक्शन प्लान लागू करें और दिन के अंत तक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। सरकार का उद्देश्य अफवाहों और घबराहट को रोकते हुए सप्लाई को सामान्य बनाए रखना है।

टेलीकॉन्फ्रेंस में हालात की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव G. Sai Prasad और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कुल 4,510 फ्यूल आउटलेट्स में से लगभग 421 फिलहाल बंद हैं।

सामान्य से काफी बढ़ी खपत

आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य दिनों में जहां पेट्रोल की खपत करीब 6,330 किलोलीटर और डीजल 9,048 किलोलीटर रहती है, वहीं अब यह बढ़कर क्रमशः 8,489 किलोलीटर और 10,556 किलोलीटर तक पहुंच गई है।

शनिवार को डीलर्स को 10,345 किलोलीटर पेट्रोल और 14,156 किलोलीटर डीजल की सप्लाई की गई, लेकिन बढ़ती मांग के चलते कई पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया।

पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें

अचानक बढ़ी खरीदारी के कारण कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग बड़ी मात्रा में ड्रम में ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे सप्लाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और स्थिति को जल्द सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।