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LPG सिलेंडर के दाम बढ़े, जानें दिल्ली से कोलकाता तक आज के रेट

 
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। पिछले कुछ समय में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम जनता से लेकर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं।

फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध जैसे हालात बनने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मच गई। सप्लाई चेन पर असर पड़ने के चलते गैस की कीमतों में तेजी आई। हालांकि, करीब पांच हफ्तों के तनाव के बाद अब अमेरिका और ईरान दो हफ्तों के सशर्त युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, जिससे कुछ राहत की उम्मीद जताई जा रही है।

इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले 40 दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से सबसे ज्यादा जहाजों को सुरक्षित निकाला है। कुल आठ एलपीजी जहाज, जिनमें करीब 3.4 लाख मीट्रिक टन गैस थी, सफलतापूर्वक भारत तक पहुंचाई गई है। यह मात्रा देश की लगभग 11 दिनों की जरूरत के बराबर है।

अगर मौजूदा कीमतों की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 2078.5 रुपये का है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 912.5 रुपये और कमर्शियल 2031 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में यह कीमत क्रमशः 939 और 2208.5 रुपये है, जबकि चेन्नई में घरेलू सिलेंडर 928.5 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2246.5 रुपये का हो गया है।

उत्तर भारत के शहरों की बात करें तो लखनऊ में घरेलू सिलेंडर 950.5 रुपये और कमर्शियल 2201 रुपये का है। जयपुर में यह कीमत 916.5 और 2106 रुपये है, जबकि हरियाणा के फतेहाबाद में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है। सबसे ज्यादा कीमत इम्फाल में देखी जा रही है, जहां घरेलू सिलेंडर 1064.5 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2552.5 रुपये का हो गया है।

पिछले दो महीनों में कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर नजर डालें तो मार्च में घरेलू सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें मार्च में 144 रुपये बढ़ी थीं और फिर 1 अप्रैल को करीब 200 रुपये और महंगी हो गईं।

कमर्शियल गैस की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री पर पड़ रहा है, जहां लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि सप्लाई पूरी तरह नियंत्रित है और आगे हालात सामान्य होने पर कीमतों में राहत मिल सकती है।