कौन हैं माया टाटा? जिनपर टाटा ग्रुप ने दी इतनी बड़ी जिम्मेदारी, विदेशों में बढ़ाएंगी Westside का कारोबार
Who is Maya Tata: टाटा ग्रुप ने अपने रिटेल कारोबार को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। समूह की रिटेल कंपनी Trent Limited ने अपने प्रमुख फैशन ब्रांड Westside के विदेशी ई-कॉमर्स और मार्केटिंग विस्तार की जिम्मेदारी 37 वर्षीय माया टाटा को सौंपी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब समूह का डिजिटल प्लेटफॉर्म Tata Neu हाल के वर्षों में भारी वित्तीय नुकसान की वजह से चर्चा में रहा है।
Westside, Trent Limited का सबसे बड़ा फैशन ब्रांड है और कंपनी की कुल आय में इसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत बताई जाती है। देश के 300 से अधिक शहरों में इसके 1,200 से ज्यादा स्टोर संचालित हैं। अब कंपनी की योजना इस ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मजबूत पहचान दिलाने की है।
कौन हैं माया टाटा?
माया टाटा, टाटा ग्रुप के वरिष्ठ उद्योगपति नोएल टाटा की सबसे छोटी बेटी हैं। नोएल टाटा वर्तमान में Tata Trusts के चेयरमैन हैं। माया का जन्म 1989 में मुंबई में हुआ। उन्होंने इंग्लैंड की University of Warwick से स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद London Business School से बिजनेस मैनेजमेंट और फाइनेंस की शिक्षा प्राप्त की।
माया टाटा ने अपने करियर की शुरुआत टाटा समूह में बेहद साधारण भूमिका से की। उन्होंने सबसे पहले Tata Capital Opportunities Fund के साथ काम किया और बाद में समूह की विभिन्न रणनीतिक परियोजनाओं से जुड़ीं। उन्हें कारोबारी समझ और डिजिटल रणनीति के क्षेत्र में काम करने का अनुभव हासिल है।
Tata Neu से Westside तक
माया टाटा, टाटा समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म Tata Neu प्रोजेक्ट का भी हिस्सा रही हैं। हाल के समय में इस प्लेटफॉर्म को बड़े वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद समूह ने माया पर भरोसा कायम रखा और उन्हें Westside के अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स विस्तार जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
Westside के सामने क्या है चुनौती?
Westside भारत के सबसे तेजी से बढ़ते फैशन ब्रांड्स में गिना जाता है। घरेलू बाजार में मजबूत मौजूदगी के बाद अब कंपनी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंच बनाना है। ऐसे में माया टाटा की भूमिका केवल डिजिटल बिक्री बढ़ाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन्हें विदेशी बाजारों में Westside की ब्रांड पहचान मजबूत करने, ई-कॉमर्स नेटवर्क विकसित करने और वैश्विक ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर भी काम करना होगा।