NSE IPO से पहले SBI का बड़ा फैसला, बेचेगा 1% हिस्सेदारी, ₹30,000 करोड़ के इश्यू पर आया नया अपडेट
NSE IPO को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। SBI और उसकी सब्सिडियरी SBI Capital Markets प्रस्तावित ₹30,000 करोड़ के IPO में करीब 1% हिस्सेदारी बेच सकती हैं। SBI 0.65% और SBI Capital Markets 0.35% हिस्सा बेचने की योजना में हैं। जानिए NSE में SBI की मौजूदा हिस्सेदारी और IPO से जुड़ी पूरी जानकारी।
NSE IPO Latest News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI Capital Markets NSE के प्रस्तावित IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों कंपनियां मिलकर NSE में करीब 1 प्रतिशत हिस्सेदारी सार्वजनिक पेशकश के जरिए बेच सकती हैं।
SBI के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने बताया कि बैंक NSE के प्रस्तावित करीब 30,000 करोड़ रुपये के IPO में हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। हालांकि, अंतिम हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से कम भी हो सकती है, अगर अन्य शेयरधारक भी इस हिस्सेदारी बिक्री में शामिल होते हैं।
SBI कितनी हिस्सेदारी बेचेगा?
SBI के चेयरमैन के मुताबिक, बैंक NSE में अपनी करीब 0.65 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। वहीं, SBI Capital Markets की ओर से करीब 0.35 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी।
इस तरह SBI समूह की कुल हिस्सेदारी बिक्री करीब 1 प्रतिशत होगी। शेट्टी ने यह भी संकेत दिया है कि अन्य शेयरधारकों की भागीदारी के आधार पर अंतिम बिक्री इससे कम हो सकती है।
NSE में SBI के पास कितनी हिस्सेदारी?
मौजूदा समय में SBI के पास NSE की करीब 3.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, SBI Capital Markets के पास एक्सचेंज की करीब 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यानी दोनों कंपनियों की NSE में कुल हिस्सेदारी करीब 7.56 प्रतिशत बैठती है। प्रस्तावित IPO में करीब 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद भी SBI समूह NSE में महत्वपूर्ण शेयरधारक बना रहेगा।
₹30,000 करोड़ का हो सकता है NSE IPO
NSE का IPO भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू में शामिल है। मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तावित IPO का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये हो सकता है। SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने हाल ही में संकेत दिया था कि NSE का IPO नियामकीय मंजूरी के करीब पहुंच चुका है। मंजूरी मिलने के बाद यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है।
NSE IPO पर क्यों है निवेशकों की नजर?
NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और इसके IPO का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। IPO आने के बाद आम निवेशकों को भी एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने का अवसर मिलेगा।
NSE IPO को लेकर बाजार में उत्सुकता ऐसे समय बढ़ी है, जब भारत के IPO बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल रही है। हाल ही में Jio Platforms को भी SEBI से IPO के लिए मंजूरी मिल चुकी है और NSE का इश्यू भी बाजार की बड़ी घटनाओं में शामिल होने की उम्मीद है।
SBI के लिए क्या मायने रखता है यह Stake Sale?
SBI और SBI Capital Markets द्वारा हिस्सेदारी बेचने से उन्हें NSE में अपनी निवेश हिस्सेदारी के एक हिस्से को भुनाने का मौका मिलेगा। वहीं, NSE के IPO में मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बिक्री से सार्वजनिक निवेशकों के लिए एक्सचेंज के शेयरों में निवेश का रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल निवेशकों की नजर NSE के IPO की अंतिम संरचना, इश्यू साइज, प्राइस बैंड और SEBI की मंजूरी पर बनी हुई है। इन जानकारियों के सामने आने के बाद NSE IPO को लेकर तस्वीर और साफ होगी।