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LPG के बढ़े दाम पर विपक्ष का वार, कांग्रेस ने कहा- वसूली सरकार चला रही है केंद्र

 

New Delhi : पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। रविवार को सरकार ने घरेलू सिलेंडर के दाम में ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि की घोषणा की। इसके साथ ही पिछले तीन महीनों में घरेलू एलपीजी की कीमतों में कुल ₹89 की बढ़ोतरी हो चुकी है।

इससे पहले मार्च 2026 में सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की वृद्धि की थी। लगातार बढ़ती कीमतों से आम उपभोक्ताओं और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

सिलेंडर की कीमतों में ताजा वृद्धि के बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट जारी कर सरकार को "वसूली सरकार" करार दिया। पार्टी ने दावा किया कि केवल तीन महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹89 महंगा हो चुका है, जिससे आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि महंगाई की मार से आम लोगों की रसोई प्रभावित हो रही है। उन्होंने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों द्वारा कम रिफिल कराए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

टीएमसी ने कहा- आम जनता पर बढ़ रहा बोझ

टीएमसी ने भी केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि महंगाई से राहत देने के बजाय सरकार लगातार आम परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।

समाजवादी पार्टी का तंज

समाजवादी पार्टी ने भी सिलेंडर मूल्य वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम जनता की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

बढ़ती कीमतों के पीछे वैश्विक कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल और गैस की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का असर घरेलू ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। ऐसे में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।

हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक मूल्य वृद्धि पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्ष ने इसे आम जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ बताया है।