पान मसाला और गुटखा अब प्लास्टिक पाउच में नहीं बिकेंगे, FSSAI का बड़ा फैसला
नई दिल्ली। देश में बढ़ते प्लास्टिक कचरे पर लगाम लगाने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। जल्द ही बाजार में गुटखा, तंबाकू और पान मसाला प्लास्टिक पाउच में नजर नहीं आएंगे।
FSSAI ने ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियमन 2018’ में संशोधन के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस प्रस्ताव के तहत गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की पैकेजिंग में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक या विनाइल मटेरियल के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी है।
रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि ‘विनाइल एसीटेट-मेलिक एसिड-विनाइल क्लोराइड कोपोलिमर’ जैसे केमिकल युक्त प्लास्टिक मटेरियल का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। इसके स्थान पर कंपनियों को कागज, पेपरबोर्ड, सेल्युलोज जैसे इको-फ्रेंडली विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है।
FSSAI के मुताबिक ये वैकल्पिक मटेरियल न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए भी सुरक्षित माने जाते हैं। साथ ही उद्योग जगत के लिए इन्हें अपनाना भी आसान होगा।
इस ड्राफ्ट नियम पर अगले 30 दिनों तक सभी संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, जो कंपनियां पहले से टीन या कांच के कंटेनर्स का उपयोग कर रही हैं, वे आगे भी ऐसा कर सकेंगी। इससे मैन्युफैक्चरर्स को अपनी व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार विकल्प चुनने की छूट मिलेगी, बशर्ते वे तय नियमों का पालन करें।