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मोदी-मेलोनी की ‘Melodi’ केमिस्ट्री का शेयर बाजार पर दिखा असर, Parle Industries का शेयर 5% उछला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी गिफ्ट करने के बाद सोशल मीडिया पर ‘Melodi’ ट्रेंड वायरल हो गया। इसके असर से Parle Industries के शेयर में अचानक तेजी देखी गई, जबकि कंपनी का Melody टॉफी से सीधा कोई संबंध नहीं है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इटली दौरे का असर अब शेयर बाजार तक पहुंच गया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को PM मोदी द्वारा Melody टॉफी गिफ्ट किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर ‘Melodi’ ट्रेंड एक बार फिर वायरल हो गया। इसका सीधा असर मंगलवार को शेयर बाजार में देखने को मिला, जहां Parle Industries के शेयर में जोरदार उछाल दर्ज किया गया।

मंगलवार को Parle Industries के शेयर करीब 5 प्रतिशत तक चढ़कर 5.25 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। वहीं, पिछले एक सप्ताह में कंपनी के शेयर में लगभग 7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, इस तेजी के पीछे एक दिलचस्प तथ्य भी सामने आया है।

दरअसल, Melody टॉफी बनाने वाली कंपनी Parle Products है, जो Parle-G, Monaco, KrackJack, Mango Bite और Poppins जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए जानी जाती है। Parle Products एक निजी कंपनी है और शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है।

दूसरी ओर, शेयर बाजार में लिस्टेड Parle Industries एक अलग कंपनी है, जिसका Melody टॉफी से कोई सीधा कारोबारी संबंध नहीं है। माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘Melodi’ ट्रेंड और Parle नाम को जोड़कर खुदरा निवेशकों ने तेजी से इस शेयर में खरीदारी शुरू कर दी।

पूरा मामला उस वीडियो के बाद चर्चा में आया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी गिफ्ट करते नजर आए। वीडियो में मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह बहुत अच्छी टॉफी है।” इसके बाद दोनों नेताओं की हल्की-फुल्की बातचीत और हंसी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

मेलोनी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर करते हुए लिखा, “गिफ्ट के लिए धन्यवाद।” इसके बाद #Melodi ट्रेंड ने फिर से इंटरनेट पर जोर पकड़ लिया और लाखों यूजर्स ने वीडियो पर प्रतिक्रिया दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया ट्रेंड और वायरल घटनाओं का असर अब छोटे शेयरों पर तेजी से दिखने लगा है। खासकर कम कीमत वाले शेयरों में रिटेल निवेशकों की अचानक खरीदारी के कारण तेज उछाल देखने को मिलता है, भले ही कंपनी का उस घटना से कोई वास्तविक कारोबारी संबंध न हो।

हालांकि, लंबे समय के प्रदर्शन की बात करें तो Parle Industries के शेयर अब भी दबाव में हैं। कंपनी का शेयर पिछले तीन महीनों में करीब 41 प्रतिशत, छह महीनों में 46 प्रतिशत और एक साल में 68 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है।