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PPF में पैसा लगाना है तो जान लें ये नियम, 1.5 लाख रुपये तक निवेश और 7.1% ब्याज का फायदा

PPF Investment: पब्लिक प्रोविडेंट फंड सुरक्षित और लंबी अवधि के निवेश के लिए लोकप्रिय विकल्प है। इसमें सालाना 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है, जबकि अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है। फिलहाल PPF पर 7.1 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। जानें मैच्योरिटी, निकासी, लोन और टैक्स से जुड़े नियम।
 

PPF Investment: नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर ऐसे निवेश विकल्प की तलाश में रहते हैं, जहां पैसा सुरक्षित रहने के साथ उस पर तय रिटर्न भी मिलता रहे। पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF ऐसे ही निवेश विकल्पों में शामिल है। सरकार की गारंटी और टैक्स लाभ के कारण लंबे समय के निवेश के लिए इसे काफी पसंद किया जाता है।

PPF खाते में छोटी रकम से निवेश शुरू किया जा सकता है और इसमें चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने PPF की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। यह 7.1 प्रतिशत सालाना बनी हुई है। आइए जानते हैं PPF से जुड़े जरूरी नियम और फायदे।

क्या है पब्लिक प्रोविडेंट फंड?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक सरकारी बचत योजना है, जिसे लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। PPF को देश के सुरक्षित लंबी अवधि के निवेश विकल्पों में गिना जाता है।

भारतीय निवासी PPF खाता खोल सकते हैं। नाबालिग के नाम पर भी PPF खाता खोला जा सकता है, हालांकि उसके खाते का संचालन बालिग होने तक अभिभावक करते हैं।

इस योजना में निवेश पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। यानी खाते में जमा मूल रकम पर मिलने वाले ब्याज पर भी आगे ब्याज जुड़ता रहता है। लंबे समय तक निवेश करने पर यही चक्रवृद्धि निवेशकों के लिए बड़ा फंड तैयार करने में मदद करता है।

500 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश

PPF की खासियत यह है कि इसमें बहुत बड़ी रकम से निवेश शुरू करने की जरूरत नहीं होती। खाताधारक साल में कम से कम 500 रुपये जमा कर सकता है।

वहीं, एक वित्त वर्ष में PPF खाते में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार रकम जमा कर सकता है। इसमें मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना आधार पर निवेश किया जा सकता है।

15 साल की होती है PPF की अवधि

PPF खाते की मूल मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। सामान्य स्थिति में खाता 15 साल पूरे होने से पहले मैच्योर नहीं होता। हालांकि, नियमों में तय कुछ विशेष परिस्थितियों में समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति मिल सकती है।

15 साल पूरे होने के बाद खाताधारक के पास खाते को आगे जारी रखने का विकल्प होता है। इसे पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। खाताधारक अपनी जरूरत के अनुसार इसमें आगे भी निवेश जारी रख सकता है।

इसके अलावा, मैच्योरिटी के बाद बिना नया पैसा जमा किए भी PPF खाते को जारी रखा जा सकता है और खाते में उपलब्ध रकम पर लागू ब्याज मिलता रहता है।

PPF खाते पर ले सकते हैं लोन

PPF खाताधारकों को खाते में जमा रकम के आधार पर लोन लेने की सुविधा भी मिलती है। हालांकि, इसके लिए तय नियम और समय सीमा लागू होती है।

PPF खाते से लोन की सुविधा खाता खुलने के बाद तीसरे वित्त वर्ष से छठे वित्त वर्ष के बीच उपलब्ध होती है। इसके बाद निर्धारित शर्तों के तहत खाते से आंशिक निकासी की सुविधा भी मिलती है।

पांच वित्त वर्ष बाद आंशिक निकासी

PPF में निवेश लंबी अवधि के लिए किया जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर खाताधारक को आंशिक निकासी की सुविधा भी मिलती है।

खाता खोलने वाले वित्त वर्ष को छोड़कर पांच वित्त वर्ष पूरे होने के बाद नियमों के तहत खाते से आंशिक रकम निकाली जा सकती है। हालांकि, निकासी की रकम और आवृत्ति पर सरकार के निर्धारित नियम लागू होते हैं।

PPF पर कितना ब्याज मिल रहा है?

PPF की ब्याज दर सरकार की ओर से हर तिमाही तय की जाती है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए PPF की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत सालाना रखी गई है।

इस दर में इस तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। ब्याज की गणना नियमों के अनुसार खाते में जमा रकम पर होती है और इसका भुगतान सालाना आधार पर किया जाता है।

PPF में टैक्स का भी फायदा

PPF की सबसे बड़ी खूबियों में इसका टैक्स लाभ भी शामिल है। PPF में किया गया निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निर्धारित सीमा तक टैक्स कटौती के लिए पात्र होता है।

इसके अलावा PPF से मिलने वाला ब्याज भी आयकर के दायरे से बाहर है। मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम को भी सामान्य तौर पर टैक्स से छूट प्राप्त होती है। यही वजह है कि PPF को टैक्स बचत और सुरक्षित निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण विकल्प माना जाता है।

नाबालिग के नाम पर भी खुल सकता है PPF खाता

नाबालिग के नाम पर भी PPF खाता खोला जा सकता है। इसके लिए बच्चे का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी करने तक खाते का संचालन अभिभावक करते हैं।

अभिभावक नाबालिग की ओर से उसके PPF खाते में निवेश कर सकते हैं। खाता खोलते समय नॉमिनी दर्ज करना भी जरूरी होता है।

कहां खोल सकते हैं PPF खाता?

PPF खाता किसी भी निर्धारित बैंक या डाकघर में खोला जा सकता है। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार बैंक या पोस्ट ऑफिस के माध्यम से खाते का संचालन कर सकता है।