{"vars":{"id": "130921:5012"}}

रुपये को संभालने मैदान में उतरा RBI, 7 अरब डॉलर बेचकर गिरावट पर लगाया ब्रेक

 

Mumbai : अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने 24 जुलाई को विदेशी मुद्रा बाजार में करीब 7 अरब डॉलर बेचकर रुपये को गिरावट से बचाने की कोशिश की। इसके बाद अगले दो कारोबारी सत्रों में भी डॉलर की बिक्री जारी रखी गई।

हालांकि, इस कार्रवाई पर RBI की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह हाल के महीनों में केंद्रीय बैंक का सबसे बड़ा हस्तक्षेप माना जा रहा है।

रुपये को मिली राहत

RBI की दखल के बाद रुपये में मजबूती देखने को मिली। गुरुवार को रुपया 1 डॉलर के मुकाबले 95.7437 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जो अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से करीब 1.3 प्रतिशत ऊपर है।

इस महीने की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से भारत जैसे तेल आयातक देशों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया था। तेल आयात के लिए अधिक डॉलर की जरूरत पड़ने से रुपये में कमजोरी आई, जिसे नियंत्रित करने के लिए RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया।

विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ा

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, विदेशी निवेश और डॉलर की आवक बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के बाद बैंकों ने करीब 32 अरब डॉलर जुटाए हैं। 17 जुलाई तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 676.2 अरब डॉलर पहुंच गया है, जो पिछले तीन सप्ताह में 9 अरब डॉलर से अधिक बढ़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार के कारण RBI के पास भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर रुपये को सहारा देने की पर्याप्त क्षमता मौजूद है।